छत्तीसगढ़

डॉक्टर की टेबल के नीचे फन फैलाकर बैठा था कोबरा, ओपीडी में मची चीख-पुकार

डॉक्टर की टेबल के नीचे फन फैलाकर बैठा था कोबरा, ओपीडी में मची चीख-पुकार

कोरबा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार सुबह एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने कुछ पलों के लिए पूरे अस्पताल की धडक़नें बढ़ा दीं। जहां एक ओर डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे, वहीं उनकी कंप्यूटर टेबल के ठीक नीचे एक जहरीला कोबरा फन फैलाकर बैठा था। जैसे ही उसकी फुफकार सुनाई दी और कर्मचारियों की नजर उस पर पड़ी, ओपीडी में अफरा-तफरी मच गई। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ घबराकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि फुफकार की आवाज कहां से आ रही है। जब डॉक्टर की टेबल के नीचे झांककर देखा गया तो वहां एक विशाल कोबरा फन उठाए बैठा मिला। कुछ पल के लिए पूरा ओपीडी सन्न रह गया। अस्पताल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की और मरीजों को सुरक्षित दूरी पर हटाकर तत्काल रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी के अध्यक्ष अविनाश यादव को सूचना दी।

सूचना मिलते ही अविनाश यादव अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। बेहद सावधानी और पेशेवर तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि न तो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचे और न ही सांप को कोई क्षति हो। रेस्क्यू टीम ने बाद में कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल में सामान्य स्थिति बहाल हुई और मरीजों व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप अक्सर सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में घरों, कार्यालयों और अस्पतालों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे हालात में घबराने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

Author Desk

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