संसद में शोर-शराबा जारी, पप्पू यादव प्रकरण और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का हंगामा

संसद में शोर-शराबा जारी, पप्पू यादव प्रकरण और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का हंगामा
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी। सदन में सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले और राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रविवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हमले का मुद्दा उठाते हुए सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले का संज्ञान लेकर सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही बाधित रही और निर्धारित एजेंडे पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। विपक्ष ने दोनों मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों का विरोध किया।
बता दें कि मानसून सत्र के लिए कुल 8 बिल लिस्ट किए गए थे जिनमें से दो दिन सदन में पास हो चुके हैं। वंदे मातरम और पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल दोनों सदनों से पास हो चुके हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मामल्लापुरम एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद में परिसीमन विधेयक पारित करने संबंधी केंद्र सरकार के प्रयास को हर राष्ट्रीय और तमिल पार्टी को नाकाम करना चाहिए और इस विधेयक का समर्थन करना जनता के साथ विश्वासघात होगा।
वहीं सरकार आज लोकसभा में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) संशोधन बिल पेश कर सकती है। इस बिल के पास होने से विदेशी फंड लेने वाले एनजीओ पर अब सरकार की सीधी नजर होगी। इस बिल को लेकर सरकार का कहना है कि विदेशी पैसा लेने वाले संगठनों की जिम्मेदारी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह बदलाव जरूरी हैं। फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट संशोधन बिल पेश होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।विपक्ष का आरोप है कि विदेशी फंड से बने स्कूल, अस्पताल, अनाथालय जैसी संपत्तियों पर भी सरकार कब्जा करना चाहती है।
बता दें कि इससे पहले 31 जुलाई को संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर काफी हंगामा हुआ था। विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे। यहां राहुल गांधी और कुछ अन्य सांसदों ने दान पेटी में चंदा डाला। इस पेटी को लेकर पप्पू यादव भागने लगे। इस तरह से चंदा चोरी का एक नाटक प्रस्तुत करने की कोशिश की गई। हालांकि संत समाज ने इस हरकत पर काफी नाराजगी जताई है।
संसद सत्र के बीच विपक्षी नेताओं की बैठक, आगे की रणनीति पर हुआ मंथन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान भविष्य की रणनीति तय करने के लिए विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय में हुई, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। बैठक में संसद की कार्यवाही के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों, विपक्ष की एकजुट रणनीति और सरकार को घेरने के तरीकों पर चर्चा की गई। विपक्षी नेताओं ने सत्र के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और समन्वय के साथ आगे बढऩे पर विचार-विमर्श किया। मानसून सत्र में लगातार हो रहे हंगामे के बीच हुई इस बैठक को विपक्ष की आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा की मांग
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश कर दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने प्रस्ताव में प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के सभी सूचीबद्ध कामकाज को स्थगित कर इस महत्वपूर्ण विषय पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की है। मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी कानून से जुड़े मुद्दों पर सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने लोकसभा में इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर उठाने की मांग की है। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद का यह स्थगन प्रस्ताव सदन में चर्चा का विषय बना हुआ है।



