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कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 5 की मौत; कई मकान जमींदोज, दर्जनों घायल

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा। पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में करीब दोपहर 12 बजे अचानक आग लगने के बाद फैक्ट्री में रखे पटाखों में एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जबकि आसपास के कई मकान भी विस्फोट की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त या धराशायी हो गए। हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। आग लगने के बाद फैक्ट्री से उठे धुएं के घने गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया। लगातार हो रहे धमाकों के कारण मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और राहत-बचाव टीमों को भी अंदर जाने में मुश्किल का सामना करना पड़ा।

धमाकों से दहला मनौरी बाजार

बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा बनाने और रखने का काम किया जा रहा था। हादसे के वक्त अंदर करीब एक दर्जन लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मकान से अचानक धुआं उठने लगा और इसके कुछ ही देर बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के घरों के शीशे टूट गए और कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, मलबा काफी दूर तक जा पहुंचा।

कई मकान धराशायी, मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका

विस्फोट की तीव्रता के चलते फैक्ट्री के आसपास बने कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए। कुछ घर पूरी तरह जमींदोज होने की सूचना है। ऐसे में मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया। लगातार धमाकों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में सावधानी बरती जा रही है।

घायलों को प्रयागराज भेजा गया

हादसे में झुलसे और गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों ने अस्पताल में भी व्यवस्थाओं को अलर्ट पर रखा है। कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डॉक्टरों को घायलों के उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कौशांबी के डीएम-एसपी समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं। पुलिस बल और राहत-बचाव टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।

आग की वजह अभी साफ नहीं

फिलहाल आग लगने और उसके बाद हुए सिलसिलेवार विस्फोटों की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि जिस स्थान पर पटाखा निर्माण या भंडारण किया जा रहा था, वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। आग पर पूरी तरह काबू पाने और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में हुई जनहानि और नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की है।

Author Desk

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