जल संरक्षण के राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का दम, सीएम साय करेंगे ‘कैच द रेन’ सत्र का समापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जल संरक्षण और जल संवर्धन की पहल को आज राष्ट्रीय मंच पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे। खास बात यह है कि सम्मेलन में ‘कैच द रेन’ अभियान के सत्र के समापन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को सौंपी गई है।
समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देशभर में ‘कैच द रेन’ अभियान को लेकर हुए विचार-विमर्श और सुझावों का समाहार प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों और स्थानीय स्तर पर लागू किए जा रहे मॉडलों को भी राष्ट्रीय मंच पर सामने रखा जाएगा।
5 प्रतिशत मॉडल बनेगा चर्चा का केंद्र
राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के 5 प्रतिशत मॉडल’ पर खास तौर पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोडऩे के लिए चलाए जा रहे ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का जोर जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल के संचयन और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को मजबूत करने पर है। इन पहलों के जरिए स्थानीय समुदायों को जल संरक्षण से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्रीय जल मंच पर छत्तीसगढ़ को दोहरा गौरव
‘कैच द रेन’ के समापन सत्र की जिम्मेदारी मिलना और छत्तीसगढ़ की जल संरक्षण पहलों का राष्ट्रीय सम्मेलन में चर्चा का विषय बनना राज्य के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री साय के संबोधन में छत्तीसगढ़ के अनुभवों, नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को देश के सामने रखने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में होने वाले इस सत्र के जरिए छत्तीसगढ़ की जल संरक्षण नीति और जमीनी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा। इस तरह राष्ट्रीय जल मंच पर छत्तीसगढ़ को ‘कैच द रेन’ के समापन की जिम्मेदारी और अपने जल संरक्षण मॉडलों को प्रस्तुत करने—दोनों स्तर पर गौरव हासिल होगा।



