पुराने वीडियो को 15 अगस्त का बताकर प्रसारित करने का आरोप, अजय चंद्राकर ने शुरू की मानहानि की कानूनी कार्रवाई
पुराने वीडियो को 15 अगस्त का बताकर प्रसारित करने का आरोप, अजय चंद्राकर ने शुरू की मानहानि की कानूनी कार्रवाई
धमतरी। कुरूद विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर से संबंधित एक पुराने वीडियो को 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में न्यायालयीन कार्यवाही शुरू हो गई है। चंद्राकर मंगलवार को धमतरी सिविल न्यायालय में उपस्थित हुए और कांग्रेस की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत एवं नेहा सिंह राठौर के विरुद्ध मानहानि संबंधी विधिक कार्रवाई प्रारंभ की।
चंद्राकर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित कर दावा किया गया था कि 15 अगस्त को कुरूद में उनके द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के स्थान पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा फहराया गया। चंद्राकर ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि वायरल किया जा रहा वीडियो स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का नहीं है।
उनके अनुसार, उक्त वीडियो 22 मार्च 2026 को कुरूद में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित है। आरोप है कि पुराने वीडियो को अलग तारीख और संदर्भ के साथ प्रसारित कर भ्रामक जानकारी सामने रखी गई।
बताया गया कि इस मामले में पूर्व में पुलिस के समक्ष भी शिकायत की गई थी और पुलिस स्तर पर कार्रवाई की गई थी। अब इसी प्रकरण को लेकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय में मानहानि संबंधी विधिक कार्यवाही शुरू की गई है।
चंद्राकर की ओर से कहा गया कि किसी पुराने वीडियो को अलग संदर्भ में सार्वजनिक रूप से प्रसारित किए जाने से उनके संबंध में गलत धारणा बन सकती है और सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। इसी के चलते विधि सम्मत कार्रवाई का सहारा लिया गया है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ तथ्यों की शुद्धता और सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूर्ण विश्वास है और प्रकरण में तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर उचित निर्णय की अपेक्षा है।



