छत्तीसगढ़

उदय भास्कर पराड़कर स्मृति में गायन प्रतियोगिता

शास्त्रीय संगीत से अर्जित सम्मान जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी-पँ राजेश

उदय भास्कर पराड़कर स्मृति में गायन प्रतियोगिता

 

शास्त्रीय संगीत से अर्जित सम्मान जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी-पँ राजेश

 

धमतरी। शास्त्रीय संगीत विद स्वर्गीय उदय भास्कर पराड़कर जी की स्मृति में शास्त्रीय गायन प्रतियोगिता का आयोजन 20 सितंबर को किया गया। राधाकृष्ण भवन में ये आयोजन महाराष्ट्र मंडल, धमतरी एवं श्रीकृष्ण संगीत महाविद्यालय, धमतरी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

 

कार्यक्रम के प्रायोजक श्री बी.पी. पराड़कर एवं उनके परिवार रहे।

 

प्रतियोगिता लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें विभिन्न प्रतिभागियों ने शास्त्रीय गायन की अपनी तैयारी, साधना एवं प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग और परिश्रम के साथ प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुमारी गार्गी काले, द्वितीय स्थान चैतन्य जोगलेकर तथा तृतीय स्थान निखिल सोनी ने प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी को ₹5000, द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी को ₹3000 तथा तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागी को ₹2000 का पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रायपुर से डॉ. दीपक बेडेकर एवं पंडित कमल मुखर्जी तथा धमतरी से श्री मदन मोहन दास शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन गायन की शास्त्रीयता, स्वर, लय, ताल, रागदारी, प्रस्तुति एवं समग्र संगीतात्मकता के आधार पर किया।

 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा और विशेष अतिथि के रूप में श्री महेंद्र पंडित उपस्थित रहे।

 

पँ राजेश ने कहा कि संगीत का ज्ञान माता सरस्वती के आशीर्वाद से मिलता है, इस ज्ञान से अर्जित मान सम्मान की पूंजी कभी खत्म नही होती, ये सम्मान जिंदगी के साथ तो मिलता ही है जिंदगी के बाद भी जिंदा रहता है, स्वर्गीय पराड़कर जी और उनका अमिट सम्मान इसका प्रमाण है।

 

महाराष्ट्र मंडल, धमतरी की अध्यक्ष श्रीमती स्वाति बल्लाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और उनके द्वारा विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

 

रायपुर से पधारे निर्णायक डॉ. दीपक बेडेकर ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि धमतरी में शास्त्रीय संगीत को लेकर इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन संगीत विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने विशेष रूप से श्रीकृष्ण संगीत महाविद्यालय, धमतरी की संगीत गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि धमतरी में जब भी श्रीकृष्ण संगीत महाविद्यालय से संबंधित कोई संगीत आयोजन होता है, उसमें श्री पी.बी. पराड़कर जी का योगदान और सक्रिय सहयोग महत्वपूर्ण रहता है। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजकों, प्रायोजकों, निर्णायकों एवं सभी सहयोगियों को बधाई दी।

 

कार्यक्रम में श्रीकृष्ण संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य श्री वीरेंद्र साहू एवं श्री रवि गजेंद्र विशेष रूप से उपस्थित रहे तथा उन्होंने हारमोनियम एवं तबले पर संगत प्रदान की। रायपुर से पधारे श्री गिरीश काले ने भी तबले पर प्रभावी संगत देकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

 

कार्यक्रम का संचालन श्री मनुराज पचौरी ने किया। आयोजन के दौरान उपस्थित संगीतप्रेमियों एवं श्रोताओं ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।

 

आयोजकों ने कहा कि स्वर्गीय उदय भास्कर पराड़कर जी की स्मृति को संगीत के माध्यम से जीवंत रखते हुए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन युवा एवं उभरते हुए कलाकारों को मंच प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि, अनुशासन और निरंतर साधना की भावना को प्रोत्साहन मिला।

Author Desk

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