छत्तीसगढ़

लोकरंग अर्जुन्दा के कार्यक्रम के साथ दशहरा महोत्सव का हुआ आगाजकुरूद की सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखें-अजय

कुरुद। छत्तीसगढ़ी लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकरंग अर्जुन्दा के कार्यक्रम के साथ कुरुद में दशहरा महोत्सव का आगाज हुआ।
नगर दशहरा उत्सव समिति की अगुवाई में विगत 24 वर्षों से जारी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी खेल मेला मैदान में दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया है। मंगलवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए समिति के मुख्य संरक्षक अजय चन्द्राकर ने कहा कि नगर का गौरवशाली इतिहास साक्षी है कि यहां सभी त्यौंहर शांति सद्भावना और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं जाते हैं। इन पर्वों के माध्यम से हमारे सांस्कृतिक आनंद की अभिव्यक्ति होती है, अतः जाति धर्म और विचारधारा से ऊपर उठकर हर किसी की सहभागिता इसमें दर्ज होनी चाहिए। तत्पश्चात लोकरंग के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति से ओतप्रोत गीत, नृत्य एवं हास्य प्रसंग के माध्यम से समाजिक चेतना को झकझोरते हुए आधुनिक जीवनशैली और अपनी संस्कृति के बीच बढ़ते गेप के प्रति दर्शकों को आगाह किया। मंच पर नपं उपाध्यक्ष मंजू प्रमोद साहू, पूर्व नपं अध्यक्ष ज्योति चन्द्राकर, रविकान्त चन्द्राकर, बसंत सिन्हा आदि अतिथियों का स्वागत महासचिव भानु चन्द्राकर ने किया। आयोजन समिति अध्यक्ष कुशल सुखरामणी ने आभार व्यक्त करते हुए इस शानदार परम्परा की निरंतरता के लिए सभी से सहभागिता का आग्रह किया। मंच संचालन प्रभात बैस ने किया‌। इस मौके पर मोहन अग्रवाल, कृष्णकांत साहु, मालकराम साहु, जमाल रिज़वी, सुनिल चन्द्राकर, भारत भूषण, संतोष बैस, अनुराग चन्द्राकर, कमल शर्मा, तुकेश साहु, किशोर यादव, कमलेश रेडी, संजु चन्द्राकर, रवि चुनमुन, रामेश्वर ध्रुव, कमलेश चन्द्राकर, खेमराज सिन्हा, हनी खत्री, केशव चन्द्राकर, भूपेन्द्र छोटू, चंदन निर्मलकर, भूखन सेन आदि उपस्थित थे।

Author Desk

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