छत्तीसगढ़राजनीति

मोदी सरकार भ्रष्टाचार रोकने में असफल, नोट बंद होने से आम जनता को परेशानी : मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि आरबीआई के द्वारा 2000 रुपए के नोट को चलन से बाहर करने का निर्णय घातक और आत्मघाती कदम है। पहले ही देश नोटबंदी के जख्मों से अभी तक उभरा नहीं है जिस दौरान नोटबंदी किया गया और 2000 के नोटों को चलन में लाया गया तभी कहा गया था 2000 के नोट से भ्रष्टाचार बढ़ेंगे और नोटबंदी का दुष्परिणाम आज देश भुगत रहा है आज आरबीआई ने एक बार और 2000 रुपए के नोट को चलन से बाहर करने का निर्णय करके देश की जनता को बैंकों के लाइन में लगाने की तैयारी कर ली है।

मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार असल मायने में भ्रष्टाचार को रोकने से ज्यादा भ्रष्टाचार को शह देने में काम कर रही है। 2000 का नोट पहले बाजार से गायब हुआ और पूंजीपतियों के तिजोरी में जमा हो गया। मोदी सरकार में बढ़े भ्रष्टाचार में 2000 रुपए के नोट का महत्वपूर्ण योगदान है। आज 2000 के नोट को बंद करने का निर्णय मोदी के मित्रों को लाभान्वित करने की योजना है।
मरकाम ने कहा कि आरबीआई को बताना चाहिए कि आखिर उन्होंने 2000 रुपए के नोट को बंद करने का निर्णय क्यों लिया है? और 2000 के नोट के स्थान पर अब क्या 2000, 1000 और 500 से छोटे नोट जारी करेगी?

Author Desk

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