राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राजगीत से शुरू हुआ बजट सत्र, राज्यपाल के अभिभाषण में दिखी छत्तीसगढ़ के विकास की झलक

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 2026 आज से शुरू हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण के पूर्व आज राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राजगीत से सत्र की शुरुआत हुई। राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा। साय सरकार द्वारा किये विकासकार्यों की झलक उनके अभिभाषण में दिखी। विकसित छत्तीसगढ़ 2047 विजन के साथ कृषि, नक्सल उन्मूलन और बस्तर विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना विस्तार, महिला और जनजातीय सशक्तिकरण सहित अन्य विषयों पर अभिभाषण प्रस्तुत हुआ। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 11.57 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान जताया।
राज्यपाल ने कहा हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है। छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है।
जब आतंक का साया हट जाता है :
राज्यपाल ने कहा, जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वत: ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है। हमने बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्षों में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2004 माओवादी गिरफ्तार किये गये। मेरी सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोडक़र संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।
राज्यपाल ने कहा, जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस योजना में 17 विभागों की भागीदारी है और शासन की 25 कल्याणकारी योजनाओं तथा 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है। मेरी सरकार ने बस्तर में विकास के लिए कनेक्टिविटी को विशेष प्राथमिकता दी है। 146 सडक़ एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। अनेक महत्वपूर्ण सडक़ एवं पुलों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं।
राज्यपाल ने कहा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं। साथ ही 449 मोबाइल टॉवरों को 4जी में अपग्रेड किया गया। गांवों तक डीटीएच कनेक्शन पहुंचा है और रात को हाई मास्ट लैंप से गांव जगमगाने लगे हैं। एक बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी है, जिनमें अब तक ये नक्सल प्रभावित क्षेत्र पीछे रह गये थे। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं।
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण :
राज्यपाल ने कहा, मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वत: बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।
किसानों को लाभ :
राज्यपाल ने कहा, विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोडऩे, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा दुनिया भर में खेती-किसानी की तकनीक बदल रही है। कृषि शोध में लगे अध्यापकों और छात्रों को मेरी सरकार द्वारा निरंतर एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है। प्रदेश में दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। ‘दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना‘ में प्रति क्विंटल दिए जाने वाले 1000 रूपए के अनुदान को अब बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। ‘अक्ती बीज संवर्धन योजना‘ के तहत तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं वितरण पर अनुदान राशि 1000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है।
मातृशक्ति का सम्मान, गरिमा की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता :
राज्यपाल ने कहा, मातृशक्ति का सम्मान, उनकी गरिमा की रक्षा और उनका आर्थिक सशक्तीकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। मेरी सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं। मेरी सरकार ने मातृशक्ति के लिए प्राथमिकता से योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में माताएं-बहनें अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, इसके लिए 137 महतारी सदन पूर्ण करा लिए गए हैं तथा 212 महतारी सदन निर्माणाधीन हैं।
जनजातीय उत्थान के लिए प्राथमिकता से काम :
राज्यपाल ने कहा, हमारे प्रदेश की 31 फीसदी आबादी जनजातीय है। मेरी सरकार जनजातीय उत्थान के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। आदिम जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अब ऑनलाइन पोर्टल से दी जा रही है। वर्ष 2025-26 से नई व्यवस्था लागू कर समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। इसी तरह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुडा को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है। राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में मेरी सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 4 लाख 83 हजार 222 व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 48 हजार 251 सामुदायिक वनाधिकार पत्र तथा 4 हजार 396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी किए गए हैं।
विकसित राज्य बनाने अंजोर विजन डाक्यूमेंट :
राज्यपाल ने कहा, वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट बनाया गया है। यह मेरी सरकार की सोच का ब्लू प्रिंट है। इस पर आगे बढ़ते हुए तेजी से विजन डाक्यूमेंट के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक काम हो रहा है। मेरी सरकार लगातार आम जनता से फीडबैक लेती है और उनकी अपेक्षाओं और सोच के अनुरूप नीतियां तैयार करती है, ताकि सामूहिक भागीदारी से छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण किया पेश, जीएसडीपी में 11.57 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 11.57 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान जताया। उन्होंने जीएसडीपी 6.31 लाख करोड़ रुपए होेने की संभावना जताई। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत के साथ स्थिर भावों पर 8.11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया। उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76 प्रतिशत, उद्योग में 9.91 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 10.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वित्त मंत्री ने सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से अधिक है।
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक अजय चंद्राकर सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।



