मनरेगा गारंटी बचाओ आंदोलन तेज: विधानसभा घेराव में उमड़ा जनसैलाब, नेताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रायपुर(प्रखर) मनरेगा गारंटी बचाओ आंदोलन के तहत आज राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का घेराव करने प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
इस दौरान पूर्व मंत्री कवासी लखमा, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निशु चंद्राकर एवं पूर्व नगर पंचायत कुरूद अध्यक्ष तपन चंद्राकर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता विधानसभा घेरने पहुंचे। सभी नेताओं ने मंच से सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला और मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने अपने बयान में कहा कि मनरेगा योजना गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में इसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और रोजगार के अवसर सीमित किए जा रहे हैं, जो कि बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष निशु चंद्राकर ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि गांवों में काम की कमी और भुगतान में देरी से मजदूरों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाए और मजदूरों को उनका हक दिलाए।
पूर्व नगर पंचायत कुरूद अध्यक्ष तपन चंद्राकर ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा के माध्यम से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। यदि इस योजना में किसी भी प्रकार की कटौती या लापरवाही होती है, तो इसका सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता मजदूरों के हित में हर स्तर पर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं, वहीं प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। आंदोलन में शामिल नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा मजदूरों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।



