छत्तीसगढ़

धमतरी जिला पंचायत की स्थाई समिति की बैठक में योजनाओं की गहन समीक्षा, अधिकारियों को सख्त निर्देश


धमतरी(प्रखर)जिला पंचायत धमतरी में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता स्थाई समिति की अहम बैठक जिला आयुष पाली क्लिनिक में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं, व्यवस्थाओं और क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए। बैठक की अध्यक्षता समिति की सभापति मोनिका ऋषभ देवांगन ने की।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, संचालन व्यवस्था एवं सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। कुपोषण की समस्या पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए पोषण पुनर्वास एवं जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए मॉनिटरिंग मजबूत करने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों एवं मानव संसाधन की जानकारी ली गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत प्राप्त संसाधनों के बेहतर उपयोग, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, जांच सेवाओं के विस्तार तथा स्वास्थ्य शिविरों की नियमितता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही CGMSC के माध्यम से दवा आपूर्ति एवं उपकरणों की उपलब्धता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी समिति ने गंभीरता से विचार किया। पंजीयन, निर्धारित मानकों के पालन तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखने और समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीजों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।
स्वच्छता विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वच्छता को जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत पेयजल योजनाओं की स्थिति, निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति तथा आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
फूड एवं ड्रग्स विभाग के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट की रोकथाम एवं नियमित जांच की स्थिति पर चर्चा की गई। बाजारों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने, लाइसेंसिंग व्यवस्था को सख्ती से लागू करने तथा आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाइयों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने हेतु नियमित जांच अभियान चलाने को भी कहा गया।
आयुष विभाग के अंतर्गत आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से संचालित सेवाओं की समीक्षा करते हुए आयुष स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली, दवाओं की उपलब्धता एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को वैकल्पिक चिकित्सा सेवाओं का अधिक लाभ मिल सके।
बैठक में समिति के सदस्य धनेश्वरी साहू, मीना डेमू साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग से जगरानी एक्का, स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ डॉ. यू. एल. कौशिक, सिविल सर्जन ए. के. टोंडर, डीपीएम डॉ. प्रिया कंवर, हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. गिरीश कश्यप, स्वच्छता विभाग से रवींद्र वर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से आशा लता गुप्ता, आयुष विभाग से डॉ. कृपाराम ठाकुर, डॉ. पचौरी तथा फूड एंड ड्रग्स विभाग से फणीश्वर पिथौरा और सर्वेश्वर यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभापति मोनिका ऋषभ देवांगन ने स्पष्ट किया कि जिला पंचायत का मुख्य उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, पारदर्शिता बनाए रखें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित

Author Desk

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