छत्तीसगढ़

काजल डाकलिया अप्रैल में माउंट आबू में लेंगी दीक्षा, समाज में हर्ष का माहौल


भखारा(प्रखर)जैन धर्म की पावन परंपरा में एक और आत्मा वैराग्य के मार्ग पर अग्रसर होने जा रही है। सद्गुरु भगवन खत्तर गच्छीय आचार्य की आज्ञा एवं पूज्य महेंद्र सागर जी महाराज साहब, उपाध्याय भगवत मनीष सागर जी महाराज साहब तथा गुरुणी पूज्य साध्वी कोकिल कंठी संघमित्रा जी महाराज साहब की प्रेरणा से पंडरिया निवासी काजल डाकलिया के हृदय में वैराग्य भाव जागृत हुआ है। उनकी दीक्षा आगामी अप्रैल माह में दिलवाड़ा (माउंट आबू) में संपन्न होगी।
काजल डाकलिया, पिता दिनेश डाकलिया, दादाजी कन्हैयालाल डाकलिया, माताजी इंदिरा डाकलिया एवं दादी विमला देवी डाकलिया के संस्कारों से प्रेरित होकर बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति की ओर अग्रसर रहीं। कंवरलाल सूरज देवी पारख परिवार द्वारा उनका भावभीना अभिनंदन किया गया, जहां परिजनों एवं समाजजनों ने दीक्षा भाव की सहर्ष अनुमोदना की। इस अवसर पर स्वागत एवं अभिनंदन गीतों से वातावरण भक्ति एवं भावनाओं से सराबोर हो गया।
वैराग्य की भावना कैसे जागृत हुई
मुमुक्षु काजल डाकलिया ने अपने जीवन परिचय में बताया कि प्रतिदिन प्रभु दर्शन का नियम, गुरु भगवंतों का सान्निध्य और सत्संग के माध्यम से उनके जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन आया। जिनवाणी श्रवण की निरंतर भावना ने उनके भीतर सच्चे सुख की खोज को और प्रबल किया। धीरे-धीरे उनका मन आराधना में रमने लगा और सांसारिक राग-रंग फीके प्रतीत होने लगे। आत्मलक्ष्य जीवन को ही उन्होंने अपना उद्देश्य मानते हुए संयम जीवन अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
काजल डाकलिया के भाव
काजल डाकलिया ने कहा कि, “आप सभी के आशीर्वाद से मैं इस मार्ग पर आगे बढ़ते हुए शासन सेवा करते-करते अपने आत्मस्वभाव में स्थिर हो जाऊं, यही मेरी कामना है।”
जैन धर्म में दीक्षा का महत्व
जैन धर्म में दीक्षा लेना अत्यंत कठिन और महान साधना का मार्ग है। यह केवल बाहरी त्याग नहीं, बल्कि आंतरिक विकारों के परित्याग और आत्मशुद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे तप और संयम को अपनाना विरले ही लोगों के लिए संभव होता है।
समाज में हर्ष का माहौल
काजल डाकलिया के दीक्षा भाव से भखारा, पंडरिया सहित पूरे जैन समाज में हर्ष और गर्व का वातावरण है। समाजजनों ने उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक भविष्य की कामना करते हुए इस निर्णय को प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण बताया।

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button