कांग्रेस केंद्र में सांप्रदायिक हिंसा बिल लाना चाहती थी, 12 साल बाद असम में वैसा ही कानून लाने की कोशिश : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने असम में भाजपा प्रत्याशियों के लिए किया प्रचार

कांग्रेस ने सत्ता के लिए समाज को बांटा और ब्रह्मपुत्र के दो किनारों को कभी जुडऩे नहीं दिया : पीएम मोदी
धेमाजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार यानी आज असम के दौरे पर हैं। उन्होंने धेमाजी जिले के गोगामुख में सुबह 11 बजे अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने भाजपा उम्मीदवार रनोज पेगू और नबा कुमार डोले के पक्ष में जनता से वोट मांगे। इन कार्यक्रमों में भाजपा के कई बड़े नेता और राज्य सरकार के मंत्री भी मौजूद हैं। रैलियों को देखते हुए सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने 2014 से पहले के एक विवादित बिल का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केंद्र में ‘सांप्रदायिक हिंसा बिल’ लाना चाहती थी। इस बिल का मकसद सिर्फ अपने वोट बैंक को खुश करना था। उस कानून में हिंसा होने पर बहुसंख्यक समाज को अपराधी और अल्पसंख्यकों को पीडि़त घोषित करने की तैयारी थी। भाजपा ने इस भेदभाव वाले बिल का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब 12 साल बाद कांग्रेस फिर से असम में वैसा ही कानून लाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता चुनाव जीतने के लिए खुलेआम ऐसी बातें कह रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले मुस्लिम लीग और अब कांग्रेस देश को बांटने की कोशिश कर रही है।
पीएम अपनी पहली रैली को संबोधित करने के पहुंचे। यहां उन्होंने कहा, असम के चुनाव की घोषणा के बाद ये मेरी पहली जनसभा है। लोगों की यह भारी भीड़ तीसरी बार जीत का पक्का सबूत है। प्रधानमंत्री ने बताया कि जनता के आशीर्वाद से उन्होंने प्रधानमंत्री बनने की हैट्रिक पूरी की है। अब असम में भी भाजपा-एनडीए की जीत की हैट्रिक लगेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चुनाव विकसित असम और विकसित भारत बनाने के लिए है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी तीसरी हार तय है। कांग्रेस के ‘राजकुमार’ हार का शतक लगाएंगे। उन्होंने सर्वानंद सोनोवाल और हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में हुए 10 साल के विकास कार्यों की भी तारीफ की।
अपनी चुनावी रैली से पहले पीएम डिब्रूगढ़ पहुंचे और चाय के बागान में काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। इसका अनुभव साझा करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘चाय असम की आत्मा है! यहां की चाय पूरी दुनिया में मशहूर है। आज सुबह डिब्रूगढ़ में, मैं एक चाय बागान में गई और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह एक बेहद यादगार अनुभव था।’
विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 22 लाख परिवारों को पक्के घर मिले हैं। भाजपा के संकल्प पत्र के अनुसार, जिन परिवारों को अब तक घर नहीं मिले, उन्हें भी पक्के मकान दिए जाएंगे। आने वाले समय में 15 लाख और परिवारों को घर देने की गारंटी है। गरीब बच्चों को बालवाड़ी से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी। महिलाओं के लिए उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ अभियान से असम की तीन लाख बहनें ‘लखपति बाईदेव’ बन चुकी हैं। एनडीए सरकार अब 40 लाख बहनों को ‘लखपति बाईदेव’ बनाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही ‘ओरुनोदोई’ योजना का विस्तार होगा और इसमें अधिक लाभ जोड़े जाएंगे।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के विकास के लिए अपना रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा कि असम को बाढ़ से बचाने के लिए सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ शुरू किया है। इसके तहत आधुनिक तटबंध बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले असम में बम और हिंसा का माहौल था, लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद हजारों युवाओं ने हथियार छोडक़र मुख्यधारा को अपना लिया है।
कांग्रेस ने सत्ता के लिए समाज को बांटा : पीएम
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए समाज को बांटा और ब्रह्मपुत्र के दो किनारों को कभी जुडऩे नहीं दिया। कांग्रेस ने 60-65 साल में ब्रह्मपुत्र नदी पर सिर्फ 3 पुल बनाए थे। इसके विपरीत, डबल इंजन सरकार ने पिछले 11 वर्षों में ही 5 बड़े पुलों का काम पूरा किया। बोगीबील और भूपेन हजारिका जैसे पुलों ने असम के लोगों का जीवन बदल दिया है। उन्होंने भरोसा दिया कि भाजपा सरकार बनने पर असम का विकास और तेजी से होगा और यह ‘मोदी की गारंटी’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस पार्टी के लिए हमेशा सत्ता की राजनीति और अपना परिवार ही सबसे ऊपर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक परिवार है और एक परिवार यहां असम में भी है। कांग्रेस ने दशकों तक शासन किया, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं की। पिछले 6-7 दशकों में असम में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज बने थे। इसके विपरीत, आज असम में 14 मेडिकल कॉलेज हैं और 10 नए कॉलेजों पर काम चल रहा है।
उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस असम में विदेशियों को बसाना चाहती है। उनका मकसद यहां के मूल निवासियों को अल्पसंख्यक बनाना है। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भाजपा-एनडीए सरकार किसानों, आदिवासियों और जंगलों की जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा नहीं होने देगी। उन्होंने भरोसा दिया कि अवैध कब्जे के खिलाफ सरकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम की शान और पहचान को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए कहा कि असमिया पहचान पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।



