छत्तीसगढ़

धमतरी पुलिस की मजबूत पैरवी से पॉक्सो एक्ट के आरोपी को 20 साल की सजा


नाबालिग से दुष्कर्म मामले में न्यायालय का सख्त फैसला, विवेचक होंगे सम्मानित


धमतरी- पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के चलते पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह वर्ष 2026 में पॉक्सो एक्ट के मामलों में न्यायालय द्वारा दिया गया छठवां बड़ा फैसला है।
मामला थाना मगरलोड में दर्ज अपराध क्रमांक 188/2025 से संबंधित है, जिसमें धारा 137(2), 87, 64(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। प्रकरण में आरोपी गजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा पिता मानसिंग विश्वकर्मा, निवासी ग्राम भरदा, थाना मगरलोड, जिला धमतरी के विरुद्ध प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोष सिद्ध पाया।
माननीय न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार साहू द्वारा गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई। विवेचना के दौरान वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, गवाहों के मजबूत बयान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके चलते आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली।
इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा विवेचना अधिकारी सउनि महेंद्र कुमार साहू को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
पुलिस विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 में इससे पहले भी धमतरी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पॉक्सो एक्ट के पांच मामलों में आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े अपराधों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Author Desk

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