बीजेपी बोली पूर्व की भूपेश सरकार में टीएस बाबा के साथ हुआ अन्याय, बघेल ने कहा पांच साल में हाईकमान से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला

कर्नाटक सियासत मामला
रायपुर। कर्नाटक में कांग्रेस हाईकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया के इस्तीफे और डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं के बीच बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की पूर्व भूपेश सरकार के “ढाई-ढाई साल” वाले फॉर्मूले को लेकर सोशल मीडिया पर निशाना साधा है। बीजेपी ने पोस्ट कर कहा कि टीएस सिंहदेव के साथ अन्याय हुआ था। बीजेपी के इस पोस्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस में हाईकमान के किसी भी निर्णय पर कोई अनुशासित कार्यकर्ता सवाल नहीं उठाता। उन्होंने कहा कि बीजेपी का काम केवल भ्रम और नफरत फैलाना है। भूपेश बघेल ने कहा, “जिस दिन मैं मुख्यमंत्री बना, उसी दिन से यह सवाल उठ रहा था कि मुझे ढाई साल बाद हटा दिया जाएगा। मेरा हमेशा एक ही जवाब था कि जिस दिन हाईकमान कहेगा, उसी दिन मैं इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन पांच साल पूरे हो गए और हाईकमान से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला।”उन्होंने आगे कहा कि पार्टी हाईकमान ही तय करता है कि किस नेता को कौन-सी जिम्मेदारी देनी है। वर्तमान में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है और वह उसी का निर्वहन कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी जबरदस्ती भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस संगठन अनुशासन और हाईकमान के फैसलों के आधार पर काम करता है। वहीँ नीट एग्जाम में वायुसेना की मदद लेने का प्रस्ताव को लेकर पूर्व सीएम बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सेना का उपयोग देश की सुरक्षा के लिए है, परीक्षा कराने की नहीं है। भारत सरकार ने मान लिया है कि गृह मंत्रालय निकम्मा है। यहां की पुलिस पर उन्हें भरोसा नहीं है। समस्या मंत्रालय में है, लेकिन समाधान कहीं और ढूंढा जा रहा है। एनटीए के डायरेक्टर के चलते पेपर लिखा हुआ था, उसे प्रमुख सचिव बना कर रखें हैं। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों पर बघेल ने कहा कि किस मंत्री को सफल मानते है? आज प्रदेश में स्थिति यह है कि जनता को न राशन मिल पा रहा है और न ही पीने का पानी, जबकि बिजली कटौती को लेकर लोग अलग परेशान हैं। ऐसा कौन सा विभाग है, जो धरातल पर काम कर रहा है। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने 60 महीनों में 95 नए जनकल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए थे, लेकिन आज उन सभी जनहितैषी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। भाजपा सरकार का काम पूरी तरह से माइनस में जाएगा।



