सीयूईटी-यूजी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, कई केंद्रों पर दो घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ एग्जाम, देशभर में अभ्यर्थी हुए परेशान

नई दिल्ली। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) 2026 की परीक्षा शनिवार को देशभर के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा कुछ केंद्रों पर करीब 11:23 बजे शुरू हुई, जिससे अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अनुसार परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी एम/एस टीसीएस के तकनीकी सिस्टम में आई खराबी के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके चलते 30 मई 2026 को आयोजित परीक्षा कई केंद्रों पर समय पर शुरू नहीं हो पाई।
सुबह 8 बजे बंद हो गई थी प्रवेश प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे ही अभ्यर्थियों की एंट्री बंद कर दी गई थी। बड़ी संख्या में छात्र निर्धारित समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे। हालांकि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तकनीकी समस्या उत्पन्न होने के कारण पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई। कई केंद्रों पर छात्रों को घंटों तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति बने रहने से अभ्यर्थियों में चिंता और असमंजस देखने को मिला। वहीं, परीक्षा में हुई देरी को लेकर अभिभावकों ने भी नाराजगी जताई। एनटीए ने कहा है कि तकनीकी समस्या को दूर करने के बाद परीक्षा शुरू कराई गई और प्रभावित केंद्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने की भी खबर
नोएडा सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र में शनिवार को आयोजित सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा छात्रों और अभिभावकों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन तकनीकी खामी के चलते परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी। आखिरकार परीक्षा रद्द कर दी गई। तकनीकी समस्या के बाद एनटीए ने दोपहर सत्र की परीक्षा का समय संशोधित कर दिया। एजेंसी के अनुसार अब दोपहर सत्र के लिए रिपोर्टिंग और प्रवेश प्रक्रिया दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। जबकि परीक्षा अब पहले निर्धारित समय 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे से शुरू की जाएगी। एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया कि सुबह की पाली के उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को परीक्षा पूरी होने के बाद ही परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने की अनुमति दी जाएगी।
एनटीए ने असुविधा पर जताया खेद
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त किया है। एजेंसी ने बताया कि तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो। एनटीए ने कहा कि परीक्षा से प्रभावित सभी छात्रों को निर्धारित समय के अनुरूप अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और मूल्यांकन प्रक्रिया पर इस व्यवधान का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
भीषण गर्मी में घंटों इंतजार से परेशान हुए छात्र
तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा में हुई देरी से अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा समेत कई परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सुबह 9 बजे निर्धारित परीक्षा के लिए समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। छात्रों के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें परीक्षा कक्षों में बैठा दिया गया था। हालांकि परीक्षा शुरू होने के बजाय उन्हें एक से दो घंटे तक कक्षों में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान परीक्षा अधिकारियों की ओर से स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता का माहौल बना रहा।
कई छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा कक्षों में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। कुछ कमरों में पंखे ठीक से नहीं चल रहे थे, जबकि भीषण गर्मी और उमस के कारण छात्रों की हालत खराब हो गई। लंबे इंतजार के दौरान कई अभ्यर्थियों को पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं। अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को घंटों तक बिना किसी स्पष्ट सूचना के इंतजार कराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक खामियां विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं।
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पीडि़ता ने पति वसीम पर प्रताडऩा और धर्म बदलने के दबाव का लगाया आरोप
बच्चे से पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद का लगवाता था नारा
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला ने अपने पति पर पहले से शादीशुदा होने की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। पीडि़ता ने महिला थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीडि़ता मूल रूप से कोरबा जिले की निवासी है। महिला का आरोप है कि करीब पांच वर्ष पहले रायगढ़ के इंदिरा नगर निवासी वसीम मोहम्मद ने स्वयं को तलाकशुदा बताते हुए मुस्लिम रीति-रिवाज से उससे विवाह किया था। विवाह के समय उसने अपनी पहली पत्नी और बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। महिला का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि वसीम पहले से विवाहित था और उसके पांच बच्चे भी हैं। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि उससे महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर विवाह किया गया, जिसके कारण वह मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान हुई है। फिलहाल महिला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीडिता ने कहा कि शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था जब उसके बच्चे हुए तब वसीम ने उसके साथ अत्याचार करना शुरू कर दिया और कलमा पढऩे नमाज पढऩे दबाव डालने लगा। इस दौरान उसे रोजा भी रखवाया गया और मारपीट करते हुए घर से निकाल देता था। साथ ही उसके साथ गंदी-गंदी हरकत करते आ रहा था।
पीडि़ता ने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज में शादी करने से उसके समाज वाले भी उसे नही अपनाये इस बात का फायदा वसीम उठाता था। पीडिता ने कहा कि वसीम खान उसके बच्चे से पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगवाता था। वह शराब और गांजा का काम करता है और वर्तमान समय में वह जेल में बंद है। इसलिये वह महिला थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की है। वह उसके साथ नही रहना चाहती। पीडिता का कहना है कि उसे वसीम से जान का खतरा है ऐसे में उसे कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी। पीडि़ता ने महिला थाना में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया को बताया कि पीडि़ता ने महिला थाना में शिकायत की है। इस शिकायत के बाद पीडिता ने अपने पति के खिलाफ कई आरोप लगाये हैं। साथ में वसीम के द्वारा बच्चों से देश को लेकर आपत्तिजनक बात करने का वीडियो के बारे मे बताया गया है। पीडिता की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सीएम साय 31 मई को दुर्ग दौरे पर, 259 करोड़ के 191 विकास कार्यों की देंगे सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 31 मई को दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे शहर में 259 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 191 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में शहर के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा भी की जाएगी। दुर्ग की महापौर अलका बाघमार मुख्यमंत्री को लगभग 100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए ज्ञापन सौंपेंगी। प्रस्तावित परियोजनाओं में नगर निगम का नया भवन, ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सियान सदन, जलभराव निराकरण तथा अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।
वर्तमान में नगर निगम के कई विभाग अलग-अलग भवनों से संचालित हो रहे हैं। इन्हें एक ही परिसर में संचालित करने के उद्देश्य से लंबे समय से नए निगम भवन की मांग की जा रही है। पूर्व की शहर सरकारों द्वारा भी इस दिशा में प्रयास किए गए थे, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। अब सिंचाई विभाग द्वारा भूमि के लिए एनओसी जारी किए जाने के बाद महापौर नए निगम भवन के निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपये की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री 248 करोड़ रुपये की लागत वाले 66 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, जबकि 25 पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण भी किया जाएगा। प्रमुख परियोजनाओं में 77 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के अंतर्गत कम्पोस्ट प्लांट, इंदिरा मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग, नालंदा परिसर निर्माण तथा विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली, पुलिया और डामरीकरण कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा प्रमुख सडक़ों के चौड़ीकरण, केनाल रोड एवं सिकोला नाला विकास, जलागार निर्माण तथा पाइपलाइन विस्तार जैसी महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया जाएगा।
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वंदे मातरम् विवाद पर भूपेश बघेल का भाजपा को चुनौती, बोले- बिना देखे गाकर दिखाएं
रायपुर। केरल में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग बिना देखे एक साथ वंदे मातरम् गाकर दिखाएं। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान बघेल ने कहा कि कांग्रेस के प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् से होती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यक्रमों में भी नियमित रूप से वंदे मातरम् गाया जाता है, जबकि भाजपा के लोग पहले इसे गाते तक नहीं थे।
अपने हालिया दिल्ली दौरे का उल्लेख करते हुए बघेल ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और चुनावी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा शुरू किए जा रहे महाजनसंपर्क अभियान पर भी बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनसंपर्क अभियान जरूर चलाना चाहिए, क्योंकि जनता उनके जवाब का इंतजार कर रही है। जनता भाजपा से कई सवाल पूछना चाहती है और उसे जवाब भी चाहिए।
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अमेरिकी रक्षा मंत्री ने की भारत की सराहना, बोले- क्षेत्रीय स्थिरता का मजबूत स्तंभ है भारत
सिंगापुर। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत को क्षेत्रीय स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उसकी बढ़ती सैन्य क्षमता और रक्षा क्षेत्र में हो रहे आधुनिकीकरण की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने में अमेरिका का अहम साझेदार बनकर उभर रहा है।
सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दूसरे दिन अपने संबोधन में हेगसेथ ने कहा, “दक्षिण एशिया में भारत एक अहम आधार स्तंभ है। एक मजबूत भारत, अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप, पूरे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के हमारे साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।”
उन्होंने भारत के सैन्य आधुनिकीकरण (मिलिट्री मॉडर्नाइज़ेशन) और विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बना रहा है, ताकि वह क्षेत्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारियों में प्रभावी योगदान दे सके। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत की रक्षा विनिर्माण (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग) क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत उच्च स्तरीय सैन्य अभियानों को लंबे समय तक संचालित रखने के लिए मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षमताएं विकसित कर रहा है। इसमें साझा सैन्य प्लेटफॉर्मों की मरम्मत एवं रखरखाव के साथ-साथ क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना के जहाजों को समर्थन देने की क्षमता भी शामिल है।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए हेगसेथ ने कहा कि दोनों देश संयुक्त उत्पादन (जॉइंट प्रोडक्शन) की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल जैसी उन्नत रक्षा प्रणालियों के संयुक्त उत्पादन को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है। हेगसेथ ने कहा, “यह हमारी सेनाओं की सामूहिक युद्ध तैयारी को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है, जो दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।
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अवैध शराब पर नियंत्रण में लापरवाही, गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निलंबित
रायपुर। अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में कथित लापरवाही और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिंह ने 29 मई को आदेश जारी किया।
जारी आदेश के अनुसार, गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पुलिस मुख्यालय एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस पर प्रभावी कार्रवाई करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार जारी रहने की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं।
मामला उस समय गंभीर हो गया जब एसीसीयू रायपुर की देहात टीम ने 29 मई को गोबरा नवापारा क्षेत्र में लल्ला सोनवानी के ठिकाने पर छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान वहां अवैध शराब बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। उन पर आरोपी से एकांत में बातचीत करने तथा मामले के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में कमी माना है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार थाना प्रभारी अपने कार्यक्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रहे। साथ ही, उनके आचरण को भी संदेहास्पद मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान निरीक्षक दीपेश जायसवाल को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
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सीयूईटी-यूजी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी, कई केंद्रों पर दो घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ एग्जाम, देशभर में अभ्यर्थी हुए परेशान
नई दिल्ली। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) 2026 की परीक्षा शनिवार को देशभर के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा कुछ केंद्रों पर करीब 11:23 बजे शुरू हुई, जिससे अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को लंबा इंतजार करना पड़ा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अनुसार परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी एम/एस टीसीएस के तकनीकी सिस्टम में आई खराबी के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके चलते 30 मई 2026 को आयोजित परीक्षा कई केंद्रों पर समय पर शुरू नहीं हो पाई।
सुबह 8 बजे बंद हो गई थी प्रवेश प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे ही अभ्यर्थियों की एंट्री बंद कर दी गई थी। बड़ी संख्या में छात्र निर्धारित समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे। हालांकि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तकनीकी समस्या उत्पन्न होने के कारण पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई। कई केंद्रों पर छात्रों को घंटों तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति बने रहने से अभ्यर्थियों में चिंता और असमंजस देखने को मिला। वहीं, परीक्षा में हुई देरी को लेकर अभिभावकों ने भी नाराजगी जताई। एनटीए ने कहा है कि तकनीकी समस्या को दूर करने के बाद परीक्षा शुरू कराई गई और प्रभावित केंद्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने की भी खबर
नोएडा सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र में शनिवार को आयोजित सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा छात्रों और अभिभावकों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन तकनीकी खामी के चलते परीक्षा शुरू ही नहीं हो सकी। आखिरकार परीक्षा रद्द कर दी गई। तकनीकी समस्या के बाद एनटीए ने दोपहर सत्र की परीक्षा का समय संशोधित कर दिया। एजेंसी के अनुसार अब दोपहर सत्र के लिए रिपोर्टिंग और प्रवेश प्रक्रिया दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। जबकि परीक्षा अब पहले निर्धारित समय 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे से शुरू की जाएगी। एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया कि सुबह की पाली के उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को परीक्षा पूरी होने के बाद ही परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने की अनुमति दी जाएगी।
एनटीए ने असुविधा पर जताया खेद
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त किया है। एजेंसी ने बताया कि तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो। एनटीए ने कहा कि परीक्षा से प्रभावित सभी छात्रों को निर्धारित समय के अनुरूप अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया है कि उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और मूल्यांकन प्रक्रिया पर इस व्यवधान का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
भीषण गर्मी में घंटों इंतजार से परेशान हुए छात्र
तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा में हुई देरी से अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नोएडा समेत कई परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सुबह 9 बजे निर्धारित परीक्षा के लिए समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। छात्रों के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें परीक्षा कक्षों में बैठा दिया गया था। हालांकि परीक्षा शुरू होने के बजाय उन्हें एक से दो घंटे तक कक्षों में इंतजार करना पड़ा। इस दौरान परीक्षा अधिकारियों की ओर से स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता का माहौल बना रहा।
कई छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा कक्षों में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। कुछ कमरों में पंखे ठीक से नहीं चल रहे थे, जबकि भीषण गर्मी और उमस के कारण छात्रों की हालत खराब हो गई। लंबे इंतजार के दौरान कई अभ्यर्थियों को पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं। अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को घंटों तक बिना किसी स्पष्ट सूचना के इंतजार कराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक खामियां विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं।
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पीडि़ता ने पति वसीम पर प्रताडऩा और धर्म बदलने के दबाव का लगाया आरोप
बच्चे से पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद का लगवाता था नारा
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला ने अपने पति पर पहले से शादीशुदा होने की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। पीडि़ता ने महिला थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीडि़ता मूल रूप से कोरबा जिले की निवासी है। महिला का आरोप है कि करीब पांच वर्ष पहले रायगढ़ के इंदिरा नगर निवासी वसीम मोहम्मद ने स्वयं को तलाकशुदा बताते हुए मुस्लिम रीति-रिवाज से उससे विवाह किया था। विवाह के समय उसने अपनी पहली पत्नी और बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। महिला का कहना है कि बाद में उसे पता चला कि वसीम पहले से विवाहित था और उसके पांच बच्चे भी हैं। पीडि़ता ने आरोप लगाया कि उससे महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर विवाह किया गया, जिसके कारण वह मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान हुई है। फिलहाल महिला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीडिता ने कहा कि शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था जब उसके बच्चे हुए तब वसीम ने उसके साथ अत्याचार करना शुरू कर दिया और कलमा पढऩे नमाज पढऩे दबाव डालने लगा। इस दौरान उसे रोजा भी रखवाया गया और मारपीट करते हुए घर से निकाल देता था। साथ ही उसके साथ गंदी-गंदी हरकत करते आ रहा था।
पीडि़ता ने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज में शादी करने से उसके समाज वाले भी उसे नही अपनाये इस बात का फायदा वसीम उठाता था। पीडिता ने कहा कि वसीम खान उसके बच्चे से पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगवाता था। वह शराब और गांजा का काम करता है और वर्तमान समय में वह जेल में बंद है। इसलिये वह महिला थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की है। वह उसके साथ नही रहना चाहती। पीडिता का कहना है कि उसे वसीम से जान का खतरा है ऐसे में उसे कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी। पीडि़ता ने महिला थाना में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया को बताया कि पीडि़ता ने महिला थाना में शिकायत की है। इस शिकायत के बाद पीडिता ने अपने पति के खिलाफ कई आरोप लगाये हैं। साथ में वसीम के द्वारा बच्चों से देश को लेकर आपत्तिजनक बात करने का वीडियो के बारे मे बताया गया है। पीडिता की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सीएम साय 31 मई को दुर्ग दौरे पर, 259 करोड़ के 191 विकास कार्यों की देंगे सौगात
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 31 मई को दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे शहर में 259 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 191 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में शहर के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा भी की जाएगी। दुर्ग की महापौर अलका बाघमार मुख्यमंत्री को लगभग 100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए ज्ञापन सौंपेंगी। प्रस्तावित परियोजनाओं में नगर निगम का नया भवन, ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सियान सदन, जलभराव निराकरण तथा अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।
वर्तमान में नगर निगम के कई विभाग अलग-अलग भवनों से संचालित हो रहे हैं। इन्हें एक ही परिसर में संचालित करने के उद्देश्य से लंबे समय से नए निगम भवन की मांग की जा रही है। पूर्व की शहर सरकारों द्वारा भी इस दिशा में प्रयास किए गए थे, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। अब सिंचाई विभाग द्वारा भूमि के लिए एनओसी जारी किए जाने के बाद महापौर नए निगम भवन के निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपये की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री 248 करोड़ रुपये की लागत वाले 66 विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, जबकि 25 पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण भी किया जाएगा। प्रमुख परियोजनाओं में 77 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के अंतर्गत कम्पोस्ट प्लांट, इंदिरा मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग, नालंदा परिसर निर्माण तथा विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली, पुलिया और डामरीकरण कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा प्रमुख सडक़ों के चौड़ीकरण, केनाल रोड एवं सिकोला नाला विकास, जलागार निर्माण तथा पाइपलाइन विस्तार जैसी महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया जाएगा।
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वंदे मातरम् विवाद पर भूपेश बघेल का भाजपा को चुनौती, बोले- बिना देखे गाकर दिखाएं
रायपुर। केरल में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग बिना देखे एक साथ वंदे मातरम् गाकर दिखाएं। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान बघेल ने कहा कि कांग्रेस के प्रत्येक कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् से होती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यक्रमों में भी नियमित रूप से वंदे मातरम् गाया जाता है, जबकि भाजपा के लोग पहले इसे गाते तक नहीं थे।
अपने हालिया दिल्ली दौरे का उल्लेख करते हुए बघेल ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और चुनावी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा शुरू किए जा रहे महाजनसंपर्क अभियान पर भी बघेल ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनसंपर्क अभियान जरूर चलाना चाहिए, क्योंकि जनता उनके जवाब का इंतजार कर रही है। जनता भाजपा से कई सवाल पूछना चाहती है और उसे जवाब भी चाहिए।
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अमेरिकी रक्षा मंत्री ने की भारत की सराहना, बोले- क्षेत्रीय स्थिरता का मजबूत स्तंभ है भारत
सिंगापुर। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत को क्षेत्रीय स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उसकी बढ़ती सैन्य क्षमता और रक्षा क्षेत्र में हो रहे आधुनिकीकरण की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने में अमेरिका का अहम साझेदार बनकर उभर रहा है।
सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दूसरे दिन अपने संबोधन में हेगसेथ ने कहा, “दक्षिण एशिया में भारत एक अहम आधार स्तंभ है। एक मजबूत भारत, अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप, पूरे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के हमारे साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।”
उन्होंने भारत के सैन्य आधुनिकीकरण (मिलिट्री मॉडर्नाइज़ेशन) और विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी बढ़ती भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बना रहा है, ताकि वह क्षेत्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारियों में प्रभावी योगदान दे सके। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत की रक्षा विनिर्माण (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग) क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत उच्च स्तरीय सैन्य अभियानों को लंबे समय तक संचालित रखने के लिए मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्षमताएं विकसित कर रहा है। इसमें साझा सैन्य प्लेटफॉर्मों की मरम्मत एवं रखरखाव के साथ-साथ क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना के जहाजों को समर्थन देने की क्षमता भी शामिल है।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए हेगसेथ ने कहा कि दोनों देश संयुक्त उत्पादन (जॉइंट प्रोडक्शन) की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल जैसी उन्नत रक्षा प्रणालियों के संयुक्त उत्पादन को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है। हेगसेथ ने कहा, “यह हमारी सेनाओं की सामूहिक युद्ध तैयारी को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है, जो दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।
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अवैध शराब पर नियंत्रण में लापरवाही, गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निलंबित
रायपुर। अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में कथित लापरवाही और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप में गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रायपुर (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिंह ने 29 मई को आदेश जारी किया।
जारी आदेश के अनुसार, गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। पुलिस मुख्यालय एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस पर प्रभावी कार्रवाई करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार जारी रहने की शिकायतें लगातार सामने आती रहीं।
मामला उस समय गंभीर हो गया जब एसीसीयू रायपुर की देहात टीम ने 29 मई को गोबरा नवापारा क्षेत्र में लल्ला सोनवानी के ठिकाने पर छापामार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान वहां अवैध शराब बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। उन पर आरोपी से एकांत में बातचीत करने तथा मामले के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में कमी माना है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार थाना प्रभारी अपने कार्यक्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में असफल रहे। साथ ही, उनके आचरण को भी संदेहास्पद मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान निरीक्षक दीपेश जायसवाल को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है। नियमानुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
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