छत्तीसगढ़

मजदूर पिता ने लिखा गीत, बेटी ने दी सुरों की उड़ान: धमतरी एसपी के सामने गूंजा जनसेवा का संदेश


धमतरी,- प्रतिभा और मेहनत किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। इसका प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब ग्राम नवागांव (कंडेल) निवासी एक श्रमिक पिता द्वारा रचित गीत को उनकी बेटी ने अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। यह भावपूर्ण प्रस्तुति धमतरी पुलिस अधीक्षक के समक्ष हुई, जहां बेटी के सुरों और पिता की रचना ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भावविभोर कर दिया।
जानकारी के अनुसार नवागांव (कंडेल) निवासी रविशंकर पटेल, जो पेशे से एक श्रमिक मजदूर हैं, समाज और जनसेवा के प्रति अपनी संवेदनशील सोच के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पुलिस की जनसेवी भूमिका, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण को केंद्र में रखकर एक प्रेरणादायक गीत की रचना की। इस गीत को उनकी पुत्री कुमारी हर्षलता पटेल ने अपनी सुरीली आवाज में धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष प्रस्तुत किया।
गीत में पुलिस की निरंतर सेवा भावना, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तथा आमजन की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का सुंदर और प्रभावशाली वर्णन किया गया। प्रस्तुति के दौरान हर्षलता की गायकी और गीत के भावों ने ऐसा समां बांधा कि वहां मौजूद सभी अधिकारी और कर्मचारी मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे। गीत समाप्त होने पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी ने इस प्रयास की सराहना की।
रविशंकर पटेल ने बताया कि धमतरी पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा तस्करी, जुआ-सट्टा, चाकूबाजी तथा अन्य अपराधों के विरुद्ध लगातार की जा रही प्रभावी कार्रवाई से प्रेरित होकर उन्होंने यह गीत लिखा है। उनका उद्देश्य पुलिस के सकारात्मक कार्यों को समाज तक पहुंचाना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने अपनी पुत्री के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर यह गीत पुलिस विभाग को समर्पित किया।
इस अनूठी प्रस्तुति से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने रविशंकर पटेल और उनकी पुत्री हर्षलता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कला और साहित्य समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं तथा ऐसी रचनात्मक अभिव्यक्तियां पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सकारात्मक संवाद को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने हर्षलता की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने हर्षलता पटेल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही पिता-पुत्री की इस रचनात्मक पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि जब कला जनहित और सामाजिक संदेश से जुड़ती है तो उसका प्रभाव और भी व्यापक हो जाता है।
यह आयोजन केवल एक गीत की प्रस्तुति नहीं था, बल्कि एक श्रमिक पिता के सपनों, बेटी की प्रतिभा और समाज के प्रति सकारात्मक सोच का ऐसा संगम था जिसने यह संदेश दिया कि समर्पण और प्रतिभा किसी भी मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती है।

Author Desk

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