बलौदाबाजार हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, अगली सुनवाई 17 जुलाई को

बलौदाबाजार हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, अगली सुनवाई 17 जुलाई को
बिलासपुर। बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है।
मामले में आरोपी अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने 19 मई 2026 को उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद अजय यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई, जिस पर अब शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपी अमित बघेल और अजय यादव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना से जुड़े पदाधिकारी हैं, जिन पर हजारों लोगों की भीड़ को भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस बल पर जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोप हैं। घटना के चलते बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी और लगभग 13 से 15 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। आरोपियों के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 17 जुलाई को सूचीबद्ध किया है।
गौरतलब है कि 15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल जैतखाम में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इसके बाद पुलिस कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जिससे समाज में असंतोष फैल गया और न्यायिक जांच की मांग उठी।
इसके बाद 10 जून को बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए, जहां विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान कलेक्टर और एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना हुई, जिसमें सरकारी संपत्तियों को करीब 12.53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।



