निलंबन-बहाली में अनियमितता का आरोप, आदिवासी कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
दूरस्थ स्कूलों से शिक्षकों को हटाकर सुगम स्कूलों में पदस्थापना का आरोप
जिला शिक्षा कार्यालय धमतरी में शिक्षकों के निलंबन एवं बहाली की प्रक्रिया को लेकर आदिवासी कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने आरोप लगाया है कि विभाग में शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को निलंबित कर बाद में सड़क किनारे स्थित सुगम स्कूलों में पदस्थ किया जा रहा है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है और वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मनोज साक्षी ने कहा कि यह प्रक्रिया शासन की मंशा के विपरीत है और इससे आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर कथित रूप से साठगांठ के माध्यम से कुछ शिक्षकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
महिला शिक्षिका के मामले को लेकर भी उठाए सवाल
आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने हाल ही में एक महिला शिक्षिका के निलंबन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि पहले आरोप पत्र जारी किया गया और निलंबन संबंधी कार्रवाई को लेकर नियमों का पालन नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने दावा किया कि संबंधित शिक्षिका को सुगम स्कूल में पदस्थ करने की तैयारी की जा रही है।
शासन के निर्देशों के उल्लंघन का आरोप
मनोज साक्षी का कहना है कि शासन के निर्देशों के अनुसार निलंबित कर्मचारियों की बहाली दूरस्थ अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में की जानी चाहिए, लेकिन धमतरी जिले में कथित रूप से इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आंदोलन की चेतावनी
आदिवासी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई और नियमों के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की
होगी।


