छत्तीसगढ़

जन्मदिन को बनाया सेवा का पर्व: व्यवसायी रतनलाल अग्रवाल ने स्कूली बच्चों के बीच बांटी खुशियां, उपहार देकर बढ़ाया उत्साह

ग्राम छुही के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय पहुंचे, विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, शिक्षा और संस्कार का दिया संदेश

जन्मदिन को बनाया सेवा का पर्व: व्यवसायी रतनलाल अग्रवाल ने स्कूली बच्चों के बीच बांटी खुशियां, उपहार देकर बढ़ाया उत्सा

 

ग्राम छुही के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय पहुंचे, विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, शिक्षा और संस्कार का दिया संदेश

धमतरी। जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रखते हुए उसे समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं का माध्यम बनाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। धमतरी के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं समाजसेवी रतनलाल अग्रवाल ने अपने जन्मदिवस को इसी भावना के साथ मनाते हुए ग्राम छुही स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के बीच खुशियां बांटी। उन्होंने बच्चों को उपयोगी उपहार वितरित किए और उनके साथ आत्मीय संवाद कर शिक्षा, अनुशासन और अच्छे संस्कारों का संदेश दिया। इस प्रेरणादायी पहल ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी और विद्यालय परिसर उत्साह, अपनत्व एवं उल्लास से भर उठा।

 

विद्यालय पहुंचने पर रतनलाल अग्रवाल का विद्यालय परिवार, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति तथा विद्यार्थियों ने आत्मीय स्वागत किया। बच्चों ने तालियों की गूंज के बीच उनका अभिनंदन किया और जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने एक-एक विद्यार्थी को स्नेहपूर्वक उपहार प्रदान किए। उपहार पाकर बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। विद्यार्थियों के चेहरे पर मुस्कान और उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

 

इस अवसर पर रतनलाल अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। उन्हें बेहतर शिक्षा, अच्छे संस्कार और सकारात्मक वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने शिक्षकों का सम्मान करने, अनुशासन का पालन करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, ईमानदारी और लगन से ही जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों को जरूरतमंदों, बच्चों और समाज के साथ साझा करने से आत्मिक संतोष मिलता है। यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसरों को सेवा और सहयोग से जोड़े, तो अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियां लाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति हमारी छोटी-सी जिम्मेदारी भी किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है।

 

कार्यक्रम के दौरान रतनलाल अग्रवाल के साथ उनके पोते ऋषभ अग्रवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी बच्चों से आत्मीय मुलाकात की, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। बच्चों ने दोनों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साथ यादगार पल साझा किए।

 

विद्यालय की शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष टिकेश्वर साहू ने रतनलाल अग्रवाल के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसे सामाजिक प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों का मनोबल बढ़ाना और उनके बीच जाकर अपनापन दिखाना अत्यंत सराहनीय कार्य है।

 

विद्यालय की प्राचार्य अर्चना नेताम ने कहा कि विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार पहुंचकर उन्हें प्रोत्साहित करना केवल उपहार वितरण नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास जगाने और समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने रतनलाल अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह कार्य अन्य लोगों को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित करेगा।

 

कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने रतनलाल अग्रवाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

 

यह आयोजन केवल जन्मदिन मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, शिक्षा के प्रति सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच का सशक्त संदेश देने वाला प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। सेवा, सहयोग और सामाजिक सहभागिता की यह पहल निश्चित रूप से समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करने वाली प्रेरक मिसाल साबित हुई।

Author Desk

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