राशन कार्ड और चावल वितरण का मुद्दा गूंजा, अतिरिक्त अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो चावल देने की मांग

राशन कार्ड और चावल वितरण का मुद्दा गूंजा, अतिरिक्त अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो चावल देने की मांग
सदन में राशन कार्ड और चावल वितरण का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठा। विधायक शेषराज हरबंस ने केंद्रीय पूल और राज्य कोटे से मिलने वाले चावल के वितरण के साथ-साथ अतिरिक्त राशन कार्डों के प्रचलन को लेकर सरकार से जवाब मांगा। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन को बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 57.25 लाख केंद्रीय कोटे से और 25.75 लाख राज्य कोटे के राशन कार्ड प्रचलन में हैं। उन्होंने कहा कि चावल वितरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अलग-अलग मापदंड हैं तथा परिवारों की संख्या के आधार पर पात्र हितग्राहियों को चावल उपलब्ध कराया जाता है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित और निशक्तजनों को 10-10 किलो चावल उपलब्ध कराती है। वहीं, बीपीएल कार्डधारियों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत 10-10 किलो चावल का लाभ मिलता है।
इस दौरान विधायक शेषराज हरबंस ने अतिरिक्त अंत्योदय राशन कार्डों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार पर 1,300 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय भार पड़ रहा है। इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने स्पष्ट किया कि अंत्योदय कार्डधारियों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। चर्चा के दौरान शेषराज हरबंस ने अंत्योदय राशन कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग भी सदन में रखी। इस मुद्दे पर सरकार ने अपने मौजूदा प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।



