पारंपरिक मिट्टी के व्यवसाय को मिली नई रफ्तार, कुंभकार परिवारों को वितरित किए गए इलेक्ट्रिक चाक
भाजपा प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी की अनुशंसा पर माटी कला बोर्ड की पहल, आधुनिक तकनीक से जुड़ेगा पारंपरिक व्यवसाय

पारंपरिक मिट्टी के व्यवसाय को मिली नई रफ्तार, कुंभकार परिवारों को वितरित किए गए इलेक्ट्रिक चाक
भाजपा प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी की अनुशंसा पर माटी कला बोर्ड की पहल, आधुनिक तकनीक से जुड़ेगा पारंपरिक व्यवसाय
धमतरी। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड द्वारा पारंपरिक मिट्टी कला एवं कुम्हारों के व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कुंभकार टेराकोटा योजना के अंतर्गत ग्राम बारना के कुंभकार परिवारों को इलेक्ट्रिक चाक वितरित किए गए। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह-कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी की अनुशंसा पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राही परिवारों को योजना का लाभ प्रदान किया गया।
योजना के तहत हीरामन प्रजापति, लोकेश प्रजापति, बिमला बाह, सरिता बाह, लखन प्रजापति, शोति प्रजापति, सियाराम चबुधर, मन्नूलाल प्रजापति, महेन्द्र कुमार प्रजापति, संजय कुमार प्रजापति, संतोष कुमार प्रजापति, देवशंकर प्रजापति, भूपेन्द्र कुमार प्रजापति, दिनेश प्रजापति, कुमारु प्रजापति, किशन प्रजापति सहित अनेक हितग्राहियों को इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराए गए। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए कुम्हार परिवारों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए प्रीतेश गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्र सरकार लगातार पारंपरिक व्यवसायों और लघु उद्यमों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनके पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इलेक्ट्रिक चाक के माध्यम से कम समय में अधिक उत्पादन होगा, श्रम और लागत में कमी आएगी तथा उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने हितग्राहियों से आह्वान किया कि वे शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं, अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है ताकि वे अपने हुनर के बल पर नई पहचान बना सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक चाक मिलने से कुम्हार परिवारों का कार्य आसान होगा तथा उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे युवाओं का भी पारंपरिक व्यवसाय के प्रति रुझान बढ़ेगा और मिट्टी कला को नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर पूर्व सभापति नगर निगम राजेंद्र शर्मा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष नेहरू निषाद, भोथली मंडल के सह-प्रभारी राजीव सिन्हा, रूपचंद साहू, खिलावन प्रजापति, ममता निषाद, भोथली मंडल अध्यक्ष मिश्रीलाल, हिरामन प्रजापति, कुंभकार समाज के वरिष्ठ सेतुराम, लोकेश प्रजापति, बबला साहू, पुनारद प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक एवं हितग्राही उपस्थित रहे।



