छत्तीसगढ़

धमतरी बना पहला जिला, जहां PACS के माध्यम से किसानों को मिलेगी ड्रोन आधारित कृषि सेवा

धमतरी बना पहला जिला, जहां PACS के माध्यम से किसानों को मिलेगी ड्रोन आधारित कृषि सेवा

धमतरी- कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के विस्तार और किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने की दिशा में धमतरी जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। धमतरी प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्राम लोहरसी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 10 समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सुविधा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने स्वयं ड्रोन उड़ाकर इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में चयनित समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने ड्रोन स्प्रेयर का प्रदर्शन किया। ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, कम समय में अधिक क्षेत्र के उपचार, लागत में कमी, श्रम की बचत तथा सुरक्षित कृषि प्रबंधन की उपयोगिता बताई गई। किसानों ने भी इस तकनीक के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दे रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का यह प्रयास खेती को अधिक लाभकारी, सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाएगा। ड्रोन तकनीक से समय और श्रम दोनों की बचत होगी, कृषि श्रमिकों की कमी की समस्या कम होगी तथा किसान कम लागत में अधिक प्रभावी ढंग से दवा एवं उर्वरक का छिड़काव कर सकेंगे। इससे उत्पादन क्षमता और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि धमतरी को कृषि नवाचारों का मॉडल जिला बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है और आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार अन्य सहकारी समितियों तक भी किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान समिति परिसर में संचालित कृषि एवं कीटनाशक विक्रय केंद्र का शुभारंभ किया गया। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले की बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंडेल, गाड़ाडीह, जुगदेही एवं करेली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा से जोड़ा गया है। इन समितियों के माध्यम से किसान नाममात्र के सेवा शुल्क पर ड्रोन आधारित छिड़काव सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा और आधुनिक तकनीक गांव-गांव तक पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि CSC e-Governance Services India Limited के सहयोग से इन समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों को ड्रोन सेवाओं के साथ विभिन्न डिजिटल एवं शासकीय सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक के उपयोग से रसायनों का संतुलित एवं लक्षित छिड़काव संभव होगा, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा और फसलों की गुणवत्ता में सुधार आएगा। खेतों में सीधे प्रवेश की आवश्यकता कम होने से फसलों को नुकसान भी नहीं होगा। साथ ही ड्रोन संचालन से प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, औषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा, डीएफओ कृष्ण जाधव, जनप्रतिनिधि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, CSC प्रतिनिधि, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Author Desk

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