समान नागरिक संहिता पर साय सरकार की तैयारी अंतिम दौर में, शीतकालीन सत्र बन सकता है ऐतिहासिक

कर्नाटक के लिए रवाना हुए सीएम विष्णुदेव साय, स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को एक दिवसीय कर्नाटक दौरे के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), पेपर लीक मामले, कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने और कानून-व्यवस्था सहित कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में इसे लागू किया जा सकता है। वहीं उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कर्नाटक दौरे पर मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि उनका कर्नाटक दौरा पहले से निर्धारित है। इस दौरान वे सत्य साईं ग्राम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में देशभर से आए विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों और सामाजिक प्रतिनिधियों से मुलाकात का भी कार्यक्रम तय है। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
पेपर लीक मामले पर केंद्र की कार्रवाई का किया समर्थन
देशभर में चर्चा का विषय बने पेपर लीक मामले पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता दी है और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में केंद्र सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों की मेहनत और विश्वास को प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कांग्रेस के धरने पर साधा निशाना
रायपुर के खम्हारडीह थाना परिसर के बाहर कांग्रेस द्वारा दिए जा रहे अनिश्चितकालीन धरने पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा या कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान जिस तरह का व्यवहार किया, वह उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कश्मीर की तरह पत्थरबाजी की संस्कृति अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यूसीसी को लेकर दिया बड़ा संकेत
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर अपनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति की बैठकें लगातार जारी हैं और सरकार उसकी सिफारिशों पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
सरकार का कानून-व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा, तोडफ़ोड़ या सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है।



