लोकसभा में पेश हुआ पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल, दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा

लोकसभा में पेश हुआ पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल, दोनों सदनों में विपक्ष का हंगामा
नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल पेश किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में यह विधेयक पेश किया। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना है। कांग्रेस सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने यह मामला उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने और मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष के सदस्यों ने इस मुद्दे पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते पहले राज्यसभा और बाद में लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक का दोषी पाया जाता है तो उसे 10 वर्ष तक के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। बिल में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई कंपनी पेपर लीक में दोषी पाई जाती है तो उसे आठ वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। वहीं, कंपनी के निदेशक या प्रबंधक की संलिप्तता साबित होने पर उनके खिलाफ भी 10 वर्ष तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, यदि कोई कोचिंग संस्थान पेपर लीक में शामिल पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। सरकार का कहना है कि इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत करना और पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है। अब इस विधेयक पर संसद में चर्चा के बाद आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
संसद परिसर में विपक्ष का हंगामा
छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन कर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने कहा कि इस घटना की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और संबंधित मामले में सरकार सदन के भीतर जवाब दे। विपक्ष का कहना है कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को संसद में अपना पक्ष रखना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं और मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं। छात्र प्रदर्शन को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष से की चर्चा की अपील
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर विपक्ष से सदन में चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों की चिंताओं को देखते हुए यह महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पेश किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस और कुछ विपक्षी सदस्य इस पर चर्चा करने के बजाय हंगामा कर रहे हैं। किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा सुधारों को लेकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है और ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी और समयबद्ध सजा का प्रावधान किया गया है।
टास्क फोर्स का गठन
एक तरफ आज सरकार पेपर लीक के खिलाफ संसद में कड़े कानूनों वाला बिल ला रही है तो वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर वीडियो संदेश जारी करके हाई पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान करने का ऐलान कर दिया है। नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाली 6 सदस्यों की ये कमेटी सरकार को पेपर लीक रोकने के सुझाव देगी। साथ ही परीक्षा में पार्दर्शिता लाने के तरीके भी बताएगी। इस कमेटी के बारे में ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने जो वीडियो जारी किया है उसमें कहा है कि पेपर लीक के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। क्करू मोदी ने कहा कि हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बना दिया है। परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी बनाया जाएगा। ये कमेटी सरकार को बताएगी कि एग्जाम सिस्टम में टेक्नॉलाजी कैसे ट्रांसपेरेंसी लाएगी और परीक्षाओं पर भरोसा मजबूत होगा।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला
नई दिल्ली। बिहार में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा बन गया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों पर एफआईआर नहीं होने और उन्हें रिहा किए जाने का वादा क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट छात्रों के साथ बर्बरता की जा रही है।
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने दिल्ली और बिहार की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, जबकि बिहार में एके-47 से फायरिंग की बात सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली में छात्रों के प्रति एक जैसा रवैया अपनाया जा रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के छात्रों से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्र प्रदर्शन पर संसद में संग्राम, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
संसद के भीतर और बाहर छात्र प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि छात्रों की पिटाई की गई हो। उन्होंने इस पूरे मामले पर सरकार को घेरते हुए जवाबदेही की मांग की। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना आदेश के पुलिस पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं कर सकती और इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार सदन चलाना चाहता है ताकि जनता के मुद्दे उठाए जा सकें, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। उन्होंने सरकार पर संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनके बयानों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने का प्रस्ताव लाने की कोशिश की जाएगी।



