जिले की 122 ग्राम पंचायतों में बनेंगे मुक्तिधाम शेड
ग्रामीण क्षेत्रों में सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए विकसित होंगी बेहतर सुविधाएं, बारिश और धूप से मिलेगी राहत

जिले की 122 ग्राम पंचायतों में बनेंगे मुक्तिधाम शेड
ग्रामीण क्षेत्रों में सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए विकसित होंगी बेहतर सुविधाएं, बारिश और धूप से मिलेगी राहत
धमतरी- ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार स्थलों पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए आमजन को सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले की 122 ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम शेड निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार के दौरान धूप, बारिश एवं अन्य प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में लोगों को राहत मिलेगी तथा मुक्तिधाम परिसरों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होगा।
योजना के तहत जिले के चारों विकासखंडों में मुक्तिधाम शेड का निर्माण किया जाएगा। इनमें धमतरी विकासखंड में 17, कुरूद में 5, मगरलोड में 38 तथा नगरी विकासखंड में 62 मुक्तिधाम शेड शामिल हैं। इस प्रकार जिले की कुल 122 ग्राम पंचायतों में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित मुक्तिधाम विकसित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 7 करोड़ 32 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थान ही नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनाओं और सामुदायिक गरिमा से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। लंबे समय से अनेक पंचायतों में शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण विशेषकर वर्षा ऋतु में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण मुक्तिधाम शेड निर्माण का निर्णय लिया गया है।
निर्माणाधीन मुक्तिधाम शेड मजबूत एवं टिकाऊ सामग्री से तैयार किए जाएंगे। स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्थान, छायादार व्यवस्था तथा उपयोगी नागरिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिससे अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। साथ ही मुक्तिधाम परिसर अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और उपयोगी बनेंगे।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने बताया कि सभी संबंधित ग्राम पंचायतों एवं जनपद पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण और सतत निगरानी की व्यवस्था भी की गई है, ताकि स्वीकृत राशि का प्रभावी उपयोग हो और ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर आधारभूत अधोसंरचना के विकास के साथ-साथ सामाजिक आवश्यकताओं से जुड़े सार्वजनिक स्थलों का सुदृढ़ीकरण भी ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुक्तिधाम शेड निर्माण इसी सोच का परिणाम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सम्मानजनक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इन निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। निर्माण सामग्री की स्थानीय उपलब्धता तथा ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से कार्यों में जनसहभागिता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक गति मिलेगी।
बनने वाले ये मुक्तिधाम शेड ग्रामीण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सामाजिक गरिमा, स्वच्छता, जनसुविधा और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करेंगे



