छत्तीसगढ़

एफआईआर दर्ज नहीं होने से सर्व आदिवासी समाज में आक्रोश, पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग

शिकायत के 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और गवाहों की सुरक्षा की मांग

एफआईआर दर्ज नहीं होने से सर्व आदिवासी समाज में आक्रोश, पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग

 

शिकायत के 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और गवाहों की सुरक्षा की मांग

 

धमतरी। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक आदिवासी महिला कर्मचारी के साथ कथित दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना एवं जातिगत अपमान के मामले में शिकायत के 20 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने से सर्व आदिवासी समाज में नाराजगी है। समाज ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।

 

समाज की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 9 अक्टूबर 2026 को थाना सिविल लाइन, रुद्री, धमतरी में शिकायत प्रस्तुत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कार्रवाई नहीं होने पर सर्व आदिवासी समाज ने 23 अक्टूबर को थाना घेराव एवं आंदोलन की सूचना दी थी।

 

आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी

बताया गया कि 21 अक्टूबर को कंवर समाज, गोंड समाज, हल्बा समाज, सतनामी समाज, बौद्ध महासभा एवं सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों की राजस्व और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। समाज का कहना है कि बैठक में एफआईआर दर्ज करने तथा गवाहों को प्रताड़ित नहीं किए जाने का आश्वासन दिया गया था। अधिकारियों के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए समाज ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। हालांकि, इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से समाज में नाराजगी बढ़ रही है।

 

गवाहों पर दबाव बनाने का आरोप

 

समाज के अनुसार, मामले से जुड़े गवाहों पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इस पर चिंता जताते हुए समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़िता और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता को न्याय दिलाना उसकी प्राथमिकता है। समाज प्रशासन से मामले में तत्काल ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आगे की रणनीति तय कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

 

ज्ञापन सौंपने वालों में ये रहे शामिल

इस मामले में ज्ञापन देने वालों में रामेश्वर मरकाम, तिजेंद्र कुंजाम, दिग्विजय सिंह ध्रुव, बंटी मरकाम, हेमंत ध्रुव, नंदकिशोर नेताम, प्रद्युमन नेताम सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।

Author Desk

Related Articles

Back to top button