छत्तीसगढ़

11वीं शताब्दी का नागदेव मंदिर अपने आप में है खास, अभी तक मंदिर के क्षेत्र में किसी की सर्पदंश से नहीं हुई है मृत्यु।

यहां आपको सर्प विचरण करते दिख सकते हैं, मंदिर को लेकर भक्तों में हे बड़ी आस्था।

धमतरी – यशवंत गिरी गोस्वामी – छत्तीसगढ़ में कई देवी-देवताओं की सदियों पुरानी मूर्तियां मिली है। जिनका अपना एक ऐतिहासिक महत्त्व है। इन देवी-देवताओं के विधि-विधान से पूजा करने मात्र से दुख दूर हो जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के साथ धमतरी के हटकेशर में स्थापित नागदेव हजारो साल पुरानी प्रतिमा है। जो आज भक्तों के लिए अस्था का बड़ा केन्द्र बन गया है। नागपंचमी के दिन यहां सैकड़ों की संख्या में लोग दूध चढ़ाने आते हैं। ऐसी मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नागदेव की विधि-विधान से पूजा करने से मनुष्य के दुख दूर हो जाते हैं।

शहर के हटकेशर वार्ड स्थित लगभग 11वीं शताब्दी के नागेश्वर मंदिर में पर्व को लेकर सुबह से भक्ताें की भीड़ रही। यहां नागदेव के दर्शन करने सुबह 5 बजे से ही भक्तों की कतार लग गई थी। भक्तों द्वारा नागदेव को दूध चढ़ा कर परिवार की खुशहाली की कामना की। हटकेशर वार्ड के बुजुर्गों का दावा है कि सर्पदंश की एक भी घटना यहां अभी तक नहीं हुई है। नागदेव को वार्डवासी ईष्ट देव मानते है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत के पहले मंदिर में पूजन करते है।

क्या है इस मंदिर की खासियत

आज के युग में जहां लोग हर चीज को लेकर एक अपना तथ्य मानते हैं ।11वीं शताब्दी का माने जाने वाला यह हाटकेश्वर का नागदेव मंदिर अपने आप में ही एक रोचक सहित रहस्यों से भरा पड़ा है। वहां के लोगों की माने तो उनका कहना है कि यह मंदिर कब का है इसकी जानकारी अभी तक किसी को नहीं है। वहां के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि नागदेव मंदिर के परिसर में एक बड़ा सा बरगद का वृक्ष था जिस पर सर्प आमतौर पर विचरण करते दिखाई देते थे। अब वह पेड़ आज यहां नहीं है, मगर अभी के लोगों की माने तो उसे बरगद के वृक्ष की जो शाखा नीचे जमीन में आकर एक पेड़ का रूप ले चुका है जो आज भी वहां आपको देखने को मिल जाएगा ।बरगद की जड़ बना यह वृक्ष यहां है साथ ही अभी तक उस क्षेत्र में सर्पदंश की ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है और ना ही सर्पदंश से किसी की मृत्यु की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। साथ मंदिर परिसर में एक सांप की बांबी भी है जहां लोगों का मानना है कि यहां नागों का बसेरा है जहां लोग श्रद्धा भाव से वहां दूध चढ़ाते हैं ।जिसे देख यहां के लोग इसे नागदेव का चमत्कार मानते हैं और पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करते हैं। इस मंदिर की ख्याति इतनी दूर तक फैली हुई है। कि दूर-दूर से लोग यहां नागदेव के दर्शन करने पहुंचते हैं खासकर नाग पंचमी में विशेष तौर पर यहां पूजा पाठ की जाती है और लोगों का मानना है कि अगर किसी को सपने में सांप या सांप कोई दिक्कत आती है ।तो मंदिर में आकर श्रद्धा भाव से पूजा अर्चना करने पर वह कष्ट दूर हो जाता है।

Author Desk

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