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भूपेश बघेल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया : दीपक बैज

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं व्यक्ति विकास की दिशा में किये गये नीतिगत ठोस उपायों के बदौलत प्रदेश के 40 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। रमन सरकार के दौरान 40 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते थे। भूपेश सरकार बनने के बाद कृषि क्षेत्र लाभकारी हुआ है।
दीपक बैज ने कहा कि 74 लाख राशन कार्ड बना है। 44 लाख परिवार बिजली बिल हाफ योजना का लाभ उठा रहे हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना अंतर्गत 377 इंग्लिश मीडियम के तथा 349 हिंदी मीडियम के स्कूल आरंभ किये गये हैं। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सहेजने का भी बड़ा काम हुआ है। भांचा राम से जुड़े वन गमन स्थलों को परिपथ के रूप में विकास किया गया है। कौशल्या माता के मंदिर की चर्चा देश दुनिया में है। आदिवासी महोत्सव के माध्यम से अपनी विरासत को सहेजने संवारने का बड़ा काम किया है।

दीपक बैज ने कहा कि पूर्व रमन सरकार के दौरान प्रदेश के लगभग 40 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने मजबूर थी उस दौरान किसानों की आत्महत्या की घटनाएं होती थी, युवा रोजगार के लिए तरसते थे, महिलाओं के हाथ में काम नहीं था, हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर थी, 20 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाकर 36000 करोड रुपए का नान घोटाला किया गया था, युवाओं के रोजगार को आउटसोर्सिंग के माध्यम से बेचा गया था, 3000 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया था, 14 जिले नक्सल प्रभावित थे। आदिवासियों से 90 हजार एकड़ जमीन छीन ली गई थी। रमन सरकार में 41 हजार करोड़ का कर्जा चढ़ गया था।

दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश के 80 प्रतिशत आबादी कृषि कार्यों से जुड़ी हुई है और सरकार ने किसानों के साथ भूमिहीनों को भी आर्थिक मदद की है। भूपेश सरकार की किसानों की कर्जमाफी, बिजली बिल हाफ योजना, किसानों को 5 लाख से अधिक स्थाई पंप कनेक्शन, 65 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी, तेंदूपत्ता का मानक दर 4000 रु. प्रति बोरा, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान उत्पादक किसानों को 9 हजार रु. एवं कोदो, कुटकी, रागी, गन्ना, दलहन, तिलहन, फलदार वृक्ष लगाने वाले किसानों को 10 हजार रु. प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देने, 72 लाख परिवार को राशन कार्ड के माध्यम से चावल देना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना, दाई दीदी क्लिनिक, मजबूत चिकित्सा व्यवस्था, 727 से अधिक स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, सरकारी पदों पर भर्ती, चार लाख से अधिक वन अधिकार कानून के अंतर्गत पट्टा, वृद्धा पेंशन निराश्रित और विधवा पेंशन में वृद्धि, महिला स्व सहायता समूह की कर्ज माफी, मनरेगा के अंतर्गत 17 करोड़ से अधिक मानव दिवस में रोजगार देना, नरूवा गरुवा घुरुवा बारी योजना, मिलेट मिशन, गोधन न्याय योजना, दो रु. किलो में गोबर खरीदी, 4 रु. लीटर में गौ मूत्र, 10 हजार से अधिक गोठनों का निर्माण, मछली पालन, कुक्कुट पालन को कृषि का दर्जा देने हर क्षेत्र में ध्यान देना हर वर्ग को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने किये गए कार्यो के कारण ही छत्तीसगढ़ में 40 लाख लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये है।

Author Desk

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