राष्ट्रीय

फ्रंटलाइन नौसैनिक युद्धपोत आईएनएस सूरत, नीलगिरि और वाघशीर को राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा नए युद्धपोत राष्ट्र की सुरक्षा को देंगे ताकत

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने मुंबई के नेवी डॉकयार्ड में नौसेना के 3 अग्रणी युद्धपोतों आईएनएस सूरत, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस मौके पर पीएम ने कहा कि नए युद्धपोत राष्ट्र की सुरक्षा को ताकत देंगे। भारत नेवी को सशक्त करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठा रहा है। हमारी नौसेना ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई है।

पीएम ने कहा कि तीनों सेनाओं ने आत्मनिर्भरता के मंत्र को अपनाया है। भारत विस्तारवाद नहीं, विकास के भाव के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत पूरे विश्व और खासकर ग्लोबल साउथ में एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साथी के रूप में पहचाना जा रहा है। पीएम ने कहा कि भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। हम पूरी दुनिया को परिवार मानते हैं। पीएम ने कहा कि यह गर्व की बात है कि सभी तीन फ्रंटलाइन नौसैनिक मेड इन इंडिया हैं। आज का भारत दुनिया में एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है।

पीएम ने कहा कि आज भारत की समुद्री विरासत, नौसेना के गौरवशाली इतिहास और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए बहुत बड़ा दिन है। छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र भूमि पर हम 21वीं सदी की नौसेना को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठा रहे हैं। ये पहली बार है जब एक विध्वंसक, एक फ्रिगेट और एक पनडुब्बी, ये तीनों मिलकर काम कर रहे हैं।

पीएम ने छत्रपति शिवाजी महाराज का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने नौसेना को नया सामर्थ्य और विजन दिया था। गौरतलब है कि तीन प्रमुख नौसैनिक लड़ाकू जहाजों का बेड़े में शामिल होना भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा योगदान है, जिससे भारत रक्षा विनिर्माण और समुद्री सुरक्षा में वैश्विक नेता बनने की राह में आगे बढ़ेगा।

आईएनएस सूरत
पी15बी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर परियोजना का चौथा और अंतिम युद्धपोत आईएनएस सूरत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत विध्वंसक युद्धपोतों में से एक है। इसमें 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है और यह अत्याधुनिक हथियार-सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है।

आईएनएस नीलगिरि
पी17ए स्टील्थ फ्रिगेट परियोजना का पहला युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि, भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है। इसे बढ़ी हुई क्षमता, समुद्र में लंबे समय तक रहने तथा स्टील्थयुक्त उन्नत सुविधाओं के साथ नौसेना में शामिल किया गया है। यह स्वदेशी फ्रिगेट की अगली पीढ़ी को दर्शाता है।

आईएनएस वाघशीर
पी75 स्कॉर्पीन परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर, पनडुब्बी निर्माण में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करती है। इसका निर्माण फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से किया गया है।

महायुति विधायकों से जंगी जहाज आईएनएस आंग्रे पर संवाद करेंगे पीएम
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को अपनी मुंबई यात्रा के दौरान सत्ताधारी महायुति के विधायकों से मिलेंगे और उन्हें सुशासन का मंत्र देंगे। पीएम मोदी नौसेना डॉकयार्ड में दो युद्धपोत और एक पनडुब्बी राष्ट्र को समर्पित करने के बाद नौसेना डॉकयार्ड में ही सत्ताधारी महायुति के विधायकों से मिलेंगे, जिसमें तीनों घटक दल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के विधायक शामिल होंगे। यह पहला अवसर है, जब प्रधानमंत्री जंगी जहाज आईएनएस आंग्रे में विधायकों से मुलाकात करेंगे।

Author Desk

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