छत्तीसगढ़

समाजसेवी की टीम क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि,शांति हेतु विभिन्न तीर्थ में कर रहे हैं पूजा अर्चना और प्रार्थना


अध्यात्म में ही सामाजिक समभाव और सर्वहिताय की भावना है समाहित-: महेंद्र खंडेलवाल


धमतरी (प्रखर) सावन के पवित्र माह में शहर के चारों तरफ अविरल भक्ति का प्रादुर्भाव नजर आता है जिसमें बच्चों से लेकर वृद्धावस्था तक के लोग निष्काम भक्ति में डूब कर अपने-अपने इश्क की प्रार्थना कर रहे हैं चाहे वह कोई समाज कहो या धर्म का विभिन्न शिवालयों में प्रातः काल से घटिया की ध्वनि निकलने लगती है चारों तरफ ओम नमः शिवाय का नारा गूंजता है शिव भक्त हर हर महादेव में डूबे हुए हैं ऐसे में शहर के समाजसेवियों तथा धर्मनिस्ट लोगों की एक टोली विभिन्न तीर्थ स्थलों में जाकर क्षेत्र वासियों के सुख शांति समृद्धि के लिए पूजा अर्चना करते हुए प्रार्थना कर रहे हैं जिसमें प्रमुख रूप से धर्मिनिष्ठ महेंद्र खंडेलवाल प्रमुख रूप से शामिल है उनके साथ गए हुए सभी लोग ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः काल आध्यात्मिक भावनाओं से और प्रीत होकर पूरे रीति रिवाज के साथ सावन की अविरल भक्ति को आगे बढ़ा रहे हैं जिसमें बाबा भोले भंडारी के पवित्र स्थल तथा जागृत ज्योतिलिंग   महाकाल  जी उज्जैन  में दर्शन  का लाभ  लेने   पहुँचकर विशेष पूजा अर्चना में सहभागिता प्रदान की इसके साथ ही नासिक सहित अवंती पारसनाथ उज्जैन , नागेश्वर पारसनाथ उन्हेल, धर्मचक्र प्रभाव तीर्थ नासिक, त्राम्बेकेश्वर महादेव नासिक,अंतरिक्ष पारसनाथ नासिक,एवं जैन-धर्म के पंचतीर्थ मे दर्शन लाभ लेते हुए सभी पवित्र देवस्थलो पर प्रशांत कोचर,  पिंटू डागा, धनराज दुग्गड  व मनीष बरडीया  भी शामिल इस साधना आराधना पूजा स्थलों में अपनी आस्था व श्रद्धा व्यक्त करते हुए इस धर्म यात्रा को संपन्नता प्रदान कर रहे है।
शहर वापसी पर होगा स्वागत और सम्मान
     तीर्थ यात्रियों का धमतरी वापसी पर शहर के गणमान्य नागरिकों के द्वारा उनके धर्मिष्ठ तथा पवित्र कार्य के लिए स्वागत व सम्मान करने का निर्णय लिया गया है जिसमें बताया जा रहा है कि उनकी वापसी पर उन्हें भगवा वस्त्र तथा शाल श्रीफल के साथ सम्मान करते हुए ऐसे कार्य को आगे बढ़कर आने वाली पीढियां में संस्कार पैदा करने के लिए जो प्रेरणादायक कार्य किए हैं उसके लिए धन्यवाद देते हुए उनका सम्मान किया जाएगा।

Author Desk

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