छत्तीसगढ़

भाजपा महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को राजनैतिक टूल के रूप मे इस्तेमाल कर रही- कविता योगेश बाबर

धमतरी – केंद्र में बैठी हुई भाजपा की मोदी सरकार ने १५  सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो की महिला आरक्षण विधेयक के नाम से भी जाना जाता है लोकसभा और राज्यसभा के माध्यम से पारित करवाया था और राष्ट्रपति ने भी इसे स्वीकार कर लिया था उस समय विपक्ष ने पूर्ण बहुमत के साथ समर्थन कर इस बिल को पास कराने में पूर्ण सहयोग किया था लेकिन सरकार ने भी इसका नोटिफिकेशन जारी ही नहीं किया इस वजह से यह बिल अधर में लटक गया था इस बिल के अंदर मूल रूप से बात यह थी कि वर्तमान में लोक सभा की 544 सीट व राज्य सभा की 245 सीटों के अनुरूप महिलाओं को 33प्रतिशत का आरक्षण इस बिल के माध्यम से देना था जिसे भाजपा सरकार ने लागू ही नहीं किया आज तीन वर्ष बीत जाने के बाद जब वर्तमान समय में आसाम बंगाल व तमिलनाडु में चुनाव हो रहें है तब भाजपा को हारने का एहसास हो रहा रहा है इन राज्यों में चुनाव हार रही है तो अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए भाजपा द्वारा महिला आरक्षण संशोधन विधेयक बिल लाकर इसे एक राजनीतिक टूल के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया जिसे समस्त विपक्ष ने संविधान वह लोकतंत्र की हत्या मानते हुए इसे निरस्त कर इस बिल को बहुमत हासिल होने नहीं दिय गया व गिरा  दिया गया क्योंकि इस बिल में जो सत्तारूढ़ दल द्वारा संशोधन प्रस्तुत किया जा रहा था उसमें लोक सभा और विधान सभा की परिसीमन के पश्चात इस बिल को लागू करने की मंशा ज़ाहिर की गई थी जोकि सीधे तौर पर लोकतंत्र पर बहुत बड़ा प्रहार है इससे भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा एक बार फिर से जनमानस के सामने उजागर हो गया है कांग्रेस पार्टी व अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का कभी भी कोई विरोध नहीं किया है लेकिन भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिस प्रकार से इसमें छेड़-छाड़ कर संशोधित रूप से बिल को पेश किया वह क़तई उचित नहीं है भाजपा कि यदि नियत साफ़ होती तो 20२३ में पारित बिल को तत्काल उसी समय लागू कर देती यह भाजपा की दोहरी मंशा को दर्शाता है विपक्षी दलों की यह माँग रही और सदन में भी विपक्षी दल के नेताओं ख़ासकर राहुल गांधी द्वारा यह बात कही गई ये २०२३ में जो बिल मूल रूप से प्रस्तुत हुआ था उसी रूप में उस बिल का आज भी समर्थन करते हैं और उसे पारित करने के लिए तैयार हैं लेकिन हर पल हर क्षण चुनावी मोड में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी इसमें अपना राजनीतिक लाभ सोच रही है और परिसीमन के आड़ में प्रदेशों और देश की परिसीमन व्यवस्था को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है जोकि किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है आज वर्तमान समय में भारत की विदेश नीति अर्थ व्यवस्था व महंगाई जैसे मुद्दे पर फेल हो चुकी है तब लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है जो कि देश के लिए घातक साबित होगा

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button