छत्तीसगढ़

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा, नवाचार, प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर


धमतरी(प्रखर) जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी विकासखंडों के बीईओ एवं प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी हुई है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षक स्वयं को लगातार अपडेट रखें और नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाते हुए बच्चों के सामने आदर्श प्रस्तुत करें, ताकि विद्यार्थी उनके समर्पण और कार्यशैली से प्रेरणा ले सकें।
बैठक में शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने आईगॉट प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि शिक्षकों का नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण ही मजबूत शिक्षा प्रणाली की आधारशिला है। उन्होंने संस्थाओं में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी लेते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्कूलों की सराहना की तथा अन्य विद्यालयों को भी नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
बैठक के दौरान शासन स्तर पर स्वीकृत शालाओं में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले समर कैंप की तैयारियों की जानकारी लेते हुए विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने युथ फेस्ट में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी प्रतिभा को उचित मंच मिलता है। उन्होंने ज्ञान भारतम अभियान के अंतर्गत पांडुलिपियों और प्राचीन ऐतिहासिक धरोहरों के सर्वेक्षण एवं पंजीयन कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश भी दिए।
नए शिक्षण सत्र की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करें और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के कुछ स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं और अन्य स्कूलों में भी ऐसे प्रयास बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए आगामी दिनों में शिक्षकों के लिए लीडरशिप डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही जिन स्कूलों में विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों के शैक्षणिक वीडियो तैयार कर यूट्यूब पर प्रसारित किए गए हैं, जिनका उपयोग कर बच्चों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य शिक्षक भी प्रेरित होकर बेहतर कार्य कर सकें।
बैठक में डीईओ अभय जायसवाल, डीएम अनुराग त्रिपाठी, सहायक संचालक यदुनंदन यदु सहित विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित थे।

Author Desk

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