बंगाल के नए मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी, दिलीप घोष समेत चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ

शुभेंदु पश्चिम बंगाल के 9वें और बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में धमाकेदार जीत के बाद बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का राजतिलक हो गया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में हजारों लोगों के बीच शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शुभेंदु अधिकारी ने शपथ से पहले ही साफ कर दिया था कि अब बंगाल में मैं नहीं हम सब मिलकर सरकार चलाएंगे। शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को बंगाल भाजपा दल के विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद आज उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
बता दें कि करीब 6 साल पहले बंगाल बीजेपी में शुभेंदु अधिकारी की एंट्री हुई थी। गृहमंत्री अमित शाह ने खुद उनका हाथ पकडक़र उन्हें बीजेपी में शामिल कराया था और 2026 में शुभेंदु बंगाल में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बन गए। शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के जायंट किलर हैं, जिन्होंने दो बाद लगातार सीटिंग सीएम ममता बनर्जी को चुनावों में मात दी है। 2021 में नंदीग्राम में उन्हें हराया और 2026 में भवानीपुर में शिकस्त दी, इसलिए उनकी ताजपोशी भी ऐतिहासिक रही। 2026 के चुनावों में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनकी ही सीट भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से भी चुनौती दी। इसके जरिए उन्होंने खुद को पार्टी के प्रमुख चेहरे के तौर पर स्थापित किया और सीएम पद का दावेदार होने के संकेत भी दिए।
शुभेंदु अधिकारी के शपथ समारोह में खुद पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, एनडीए शासित राज्यों के सीएम समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें और बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।
बंगाल में 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ
शुभेंदु अधिकारी के बाद 5 अन्य बीजेपी नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। निशिथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडु को राज्यपाल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई। दिलीप घोष को भी कोलकाता में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। दिलीप घोष, पश्चिम मेदिनीपुर के खडग़पुर सदर से जीते हैं। उन्होंने जमीनी स्तर तक संगठन को मजबूत किया। उनकी जंगलमहल और नॉर्थ बंगाल में मजबूत पकड़ है। वह बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वह पश्चिम बर्धमान के आसनसोल दक्षिण से जीती हैं। उन्होंने 41 हजार वोटों के बड़े मार्जिन से चुनाव जीता है। वह जनवरी, 2026 में बीजेपी उपाध्यक्ष बनी थीं। वह, ममता बनर्जी के खिलाफ मजबूत आवाज की पहचान हैं। निशिथ प्रमाणिक को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। उन्होंने माथाभांगा से चुनाव जीता है। वह उत्तर बंगाल का राजवंशी चेहरा हैं। निशिथ प्रमाणिक, 2019 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए थे। वह 2019 में पहली बार सांसद बने थे। निशिथ प्रमाणिक, 2021 में सबसे कम उम्र के केंद्रीय मंत्री थे।
कभी दीदी के वफादार थे, अब उन्हें ही किया सत्ता से बेदखल
ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी अब राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं। शुक्रवार को वह भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए। 1995 में उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से है। वह 1998 से 2020 तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कद्दावर नेता रहे और ममता बनर्जी की सरकार में परिवहन और सिंचाई मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 2020 के बाद जबसे वे भाजपा में शामिल हुए तब से उन्होंने पार्टी के मुख्य रणनीतिकार के तौर पर काम किया है। टीएमसी में रहते हुए शुभेंदु ने ग्रामीण बंगाल में गहरी पैठ बनाई। उनके नेतृत्व को देखते हुए ममता बनर्जी ने उन्हें ‘जंगल महल’ क्षेत्र- पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया और बांकुड़ा का प्रभारी बनाया। इन सभी जगहों पर उन्होंने टीएमसी का सफलतापूर्वक विस्तार किया। इसके अलावा, मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में भी कांग्रेस को कमजोर कर टीएमसी को मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि जब शुभेंदु भाजपा में शामिल हुए तो भले ही उन्होंने टीएमसी छोड़ दी, लेकिन इन क्षेत्रों पर उनका प्रभाव लगातार बना रहा।
पीएम मोदी भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ता से मिले
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में मौजूद माखनलाल सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया था। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्रताोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया।



