छत्तीसगढ़

आचार्य श्री महेंद्र सागर जी म.सा. की प्रेरणा से 6 वर्षों से निरंतर जीवदया सेवा, हर रविवार गौसेवा में जुटे युवा


धमतरी(प्रखर) प.पू. श्री खर्तरगच्छ आचार्य श्री महेंद्र सागर जी म.सा. की पावन प्रेरणा से श्री जैन मणिधारी मित्र मंडल के युवा सदस्य पिछले लगातार 6 वर्षों से जीवदया और गौसेवा का अनूठा कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक रविवार सुबह 6:30 बजे से युवा टोली शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर गायों एवं अन्य मूक पशुओं को रोटी, सब्जी, फल सहित अन्य खाद्य सामग्री खिलाने के साथ-साथ पानी पीने के लिए कोटना एवं पात्र भी वितरित करती है।
यह सेवा कार्य केवल एक दिन की पहल नहीं बल्कि वर्षों से निरंतर चल रहा जनसेवा और जीवदया का अभियान बन चुका है। युवा सदस्य गोल बाजार से विंध्यवासिनी मंदिर के पास स्थित गौशाला तक पहुंचकर गायों की सेवा करते हैं। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर बेसहारा पशुओं को भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
जीवदया अभियान के अंतर्गत हर रविवार मकई चौक से गोलबाजार, सदर बाजार, इतवारी बाजार, रामबाग एवं बिलाई माता मंदिर क्षेत्र तक सेवा कार्य किया जाता है। इस दौरान युवाओं द्वारा पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी की जाती है ताकि गर्मी के मौसम में मूक जीवों को राहत मिल सके।
इस सेवा कार्य में विजय दुग्गड़, प्रतीक बैद, राहुल पारख, कान्हा गांधी, शुभम राखेचा, हर्षित जैन, अखिल ओस्तवाल, अतुल लोढ़ा, वीरांश बैद, कुशल बराडिया सहित अन्य युवा सदस्य सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि जीवदया ही सबसे बड़ा धर्म है और मूक पशुओं की सेवा से आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
शहरवासियों ने भी इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां लोग अपने निजी जीवन में व्यस्त रहते हैं, वहीं ये युवा हर सप्ताह समय निकालकर जीवों की सेवा कर समाज को मानवता और करुणा का संदेश दे रहे हैं।
श्री जैन मणिधारी मित्र मंडल द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान अब शहर में प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। संस्था से जुड़े युवाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जीवदया से जोड़ना और मूक पशुओं के प्रति संवेदनशील बनाना है।

Author Desk

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