अजब चोर! फिर शीतला मंदिर बना निशाना

दो दिन में दूसरे शीतला मंदिर में चोरी, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
माता के चांदी के आभूषण और दानपेटी की नगदी पार, पुलिस जांच में जुटी
धमतरी(प्रखर) जिले में मंदिरों को निशाना बनाने वाले चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। जिले में लगातार दूसरे दिन एक और शीतला मंदिर में चोरी की वारदात सामने आने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस बार चोरों ने भखारा ग्राम स्थित प्राचीन शीतला मंदिर को निशाना बनाते हुए माता के चांदी के आभूषण और दानपेटी में रखी नगदी पर हाथ साफ कर दिया। लगातार दो दिनों में दो मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह ग्रामीण रोज की तरह पूजा-अर्चना के लिए शीतला मंदिर पहुंचे थे। मंदिर का मुख्य दरवाजा और भीतर का सामान अस्त-व्यस्त देखकर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। जब मंदिर के अंदर जाकर देखा गया तो माता के चांदी के आभूषण गायब थे और दानपेटी टूटी हुई मिली। दानपेटी में रखी नगदी भी चोरी हो चुकी थी। घटना की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जमा हो गए। लोगों में घटना को लेकर जबरदस्त नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाए जाने से लोगों की आस्था आहत हो रही है। गांववासियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से रात में गश्त बढ़ाने और मंदिरों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन भी किया जा सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही भखारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। वहीं पुलिस टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुट गई है। संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को मरौद ग्राम स्थित शीतला मंदिर में भी चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। वहां से माता के सोने-चांदी के आभूषण और दानपेटी की नगदी चोरी कर ली गई थी। लगातार दो दिनों में दो शीतला मंदिरों में चोरी की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में दहशत और नाराजगी का माहौल पैदा कर दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाले ये चोर कौन हैं और लगातार वारदातों को अंजाम देने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे हैं। ग्रामीणों की नजर अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है।



