लेबनान में इस्राइली हमलों से तबाही, महिलाओं-बच्चों समेत 14 की मौत

लेबनान में इस्राइली हमलों से तबाही, महिलाओं-बच्चों समेत 14 की मौत
वॉशिंगटन/बेरूत। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। दक्षिणी लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच जारी संघर्ष के बीच इस्राइली सेना ने कई इलाकों में भीषण हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब शुक्रवार को वॉशिंगटन में इस्राइल और लेबनान के सुरक्षा अधिकारियों के बीच अहम वार्ता प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में सीमा पर बढ़ते संघर्ष, ड्रोन हमलों और संघर्षविराम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है। हालांकि ताजा हमलों ने वार्ता से पहले हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई शहरों और कस्बों को निशाना बनाया। इनमें तायर, सिडोन और नबातिएह जैसे इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। तायर के पास हुए एक ड्रोन हमले में मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सिडोन शहर में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर किए गए हवाई हमले में पांच लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, जिस इमारत को निशाना बनाया गया वहां विस्थापित परिवार रह रहे थे। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दल देर रात तक मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
नबातिएह के पास हुए एक अन्य ड्रोन हमले में लेबनान सेना का एक सैनिक भी मारा गया। इस घटना के बाद लेबनान की सेना ने स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। दूसरी ओर इस्राइल ने भी अपने एक सैनिक की मौत की पुष्टि की है। इस्राइली सेना के अनुसार, सैनिक हिजबुल्ला के ड्रोन हमले में मारा गया।
इस्राइल का आरोप है कि हिजबुल्ला लगातार उत्तरी इस्राइली क्षेत्रों पर ड्रोन और रॉकेट हमले कर रहा है, जिसके जवाब में सैन्य कार्रवाई तेज की गई है। वहीं हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसने इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते हमलों ने पूरे क्षेत्र को एक बड़े संघर्ष के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हिंसा इसी तरह बढ़ती रही तो पूरे मध्य पूर्व में हालात और अस्थिर हो सकते हैं।
संघर्ष का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। लेबनान में अब तक 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। हजारों परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों में शरण लेने को मजबूर हैं। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। अस्पतालों पर भी दबाव लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वॉशिंगटन में प्रस्तावित वार्ता सफल नहीं हुई तो क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका और बढ़ सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बातचीत और मध्य पूर्व में तेजी से बदलते घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।



