दिल्ली सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामला: चंद्रशेखर आजाद पर आरोप, पुलिसकर्मियों पर हमले और उपद्रव की जांच तेज

दिल्ली सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामला: चंद्रशेखर आजाद पर आरोप, पुलिसकर्मियों पर हमले और उपद्रव की जांच तेज
नई दिल्ली। दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सांसद चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जय सिंह रोड पर एकत्रित हुए और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान रास्ता अवरुद्ध होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ को हटाने के लिए जब नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा और सेंट्रल डीसीपी रोहित राजबीर मौके पर पहुंचे, तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि उपद्रवियों ने पत्थर, ईंट, कांच की बोतलों और अन्य चीजों से हमला किया। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने पास की कोऑपरेटिव सोसाइटी की टाइल्स और पत्थर तोडक़र भीड़ पर फेंके।
118 पुलिसकर्मी घायल होने का दावा
पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कई जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में 6 आईपीएस अधिकारियों समेत 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद नहीं थे, बल्कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व शामिल थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ा। एक घायल पुलिसकर्मी के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद के साथ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। जब पुलिस ने सडक़ खाली कराने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने जवानों पर हमला कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
साजिश के तहत हिंसा का आरोप
पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह हिंसा पहले से योजनाबद्ध हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन की आड़ में कुछ लोगों ने उपद्रव फैलाने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप चैट के जरिए भीड़ जुटाने और रणनीति बनाने की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, डीसीपी सचिन शर्मा और डीसीपी रोहित राजबीर को भीड़ से सुरक्षित निकालना पड़ा। वहीं, डीसीपी के स्टाफ अधिकारी श्रीनिवास के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



