सूरजपुर में भूमि अधिग्रहण के दौरान हिंसा, ग्रामीणों के हमले में डीएसपी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल

प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुक्रवार को उस समय हिंसक हो गई, जब धरमपुर गांव में अधिग्रहित भूमि पर कब्जा लेने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम का ग्रामीणों ने उग्र विरोध किया। विरोध इतना बढ़ गया कि आक्रोशित ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में महिला पुलिसकर्मियों सहित दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। सभी घायलों का नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन की ओर से अधिग्रहित भूमि पर नियमानुसार कब्जा लेने की कार्रवाई की जानी थी। इसके लिए शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी धरमपुर गांव पहुंचे थे। प्रशासन का उद्देश्य कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करना था, लेकिन गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी आपत्तियों और मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। सुबह तडक़े भारी पुलिस बल के गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भडक़ गया और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उग्र भीड़ ने पुलिस बल पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे कई पुलिसकर्मी भगदड़ के दौरान गिरकर घायल हो गए, जबकि कुछ पर सीधे हमला किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। कई जवानों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और महिला पुलिसकर्मी भी इस झड़प में घायल हुई हैं।
घायलों में डीएसपी राजेश जोशी, नंदू रजवाड़े, सुखी चंद्र सहित 24 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सभी को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
फिलहाल धरमपुर गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, जबकि इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी है। मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।



