छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने निभाया अपना संकल्प, ‘एक राष्ट्र–एक संविधान’ से सशक्त हुआ भारत : पंडित राजेश शर्मा

राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता दिवस पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति के स्थाई आमंत्रित सदस्य का संदेश, कहा– भारतीय जनता पार्टी ने जो कहा, वह करके दिखाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने निभाया अपना संकल्प, ‘एक राष्ट्र–एक संविधान’ से सशक्त हुआ भारत : पंडित राजेश शर्मा

 

राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता दिवस पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति के स्थाई आमंत्रित सदस्य का संदेश, कहा– भारतीय जनता पार्टी ने जो कहा, वह करके दिखाया

धमतरी- भाजपा प्रदेश कार्य समिति के स्थाई आमंत्रित सदस्य एवं धर्मप्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा ने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि 5 अगस्त 2019 का दिन भारतीय लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और संविधान की सर्वोच्चता के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। यह वह ऐतिहासिक दिन है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ एवं निर्णायक नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतिक भूमिका में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 एवं 35A के प्रावधानों को हटाकर “एक राष्ट्र–एक संविधान” के संकल्प को साकार किया गया।

पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों पूर्व देश की जनता से जो वादा किया था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा कर यह सिद्ध कर दिया कि “भारतीय जनता पार्टी केवल घोषणा नहीं करती, बल्कि अपने संकल्पों को धरातल पर उतारकर दिखाती है।” अनुच्छेद 370 को हटाना भाजपा की वैचारिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल एक संवैधानिक संशोधन नहीं था, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता, सुरक्षा और समान अधिकारों को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम था। इस निर्णय के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास की नई संभावनाएँ खुलीं, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती मिली तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक समान रूप से पहुँचने लगा।

पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि “एक राष्ट्र–एक संविधान” की भावना भारत के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, समान अवसर और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत आधार है। देश एक संविधान और एक तिरंगे के साथ आगे बढ़े, यही भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और संवैधानिक व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व मंच पर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और निर्णायक राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा, सुशासन, विकास, आत्मनिर्भर भारत और गरीब कल्याण जैसे अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक निर्णय लेकर केंद्र सरकार ने देश को नई दिशा देने का कार्य किया है। अनुच्छेद 370 का हटाया जाना इन्हीं ऐतिहासिक निर्णयों में से एक है, जिसने देश की एकता और अखंडता को और अधिक सुदृढ़ किया।

उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ही देश की लोकतांत्रिक आत्मा है और प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान का सम्मान करे तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए। आने वाली पीढ़ियों को भी संविधान के मूल्यों, कर्तव्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

पंडित राजेश शर्मा ने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि वे “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण के अभियान को और अधिक मजबूत करें।

अंत में उन्होंने कहा कि “जहाँ संविधान एक, वहाँ राष्ट्र सर्वोपरि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की एकता, विश्वास और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। भारत माता की एकता, अखंडता और संविधान की गरिमा को नमन करते हुए उन्होंने सभी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की।

🇮🇳 जय हिंद! वंदे मातरम्! 🇮🇳

Author Desk

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