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झारखंड परीक्षा विवाद: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने खत्म किया अनशन 25 जुलाई से कर रहे थे सत्याग्रह

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर हुई लाइव बातचीत के बाद यह फैसला लिया।

देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि वे 25 जुलाई से सत्याग्रह कर रहे थे और 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उन्होंने कहा कि लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी।

महतो ने कहा, मैं बहुत ज्यादा थक चुका था और मेरी स्थिति गंभीर हो गई थी। झारखंड में पिछले 26 वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बडिय़ों का सिलसिला जारी है। डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी थी कि यदि मैंने पानी नहीं पिया तो मुझे अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा।

फोन पर बातचीत के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। वांगचुक ने कहा, कृपया थोड़ा पानी पी लीजिए। यह आत्महत्या जैसा कदम है। आपको संघर्ष जारी रखना है, लेकिन इसके लिए स्वस्थ रहना भी जरूरी है। सरकार को आपकी बात समझनी चाहिए और उचित निर्णय लेना चाहिए। वांगचुक की अपील के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पीकर अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

Author Desk

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