देहदान कर रिखी राम सेन ने छोड़ी समाजसेवा की अमिट मिसाल
मृत्यु के बाद भी मानवहित में समर्पित रहा शरीर, सेन समाज ने बताया गौरव और प्रेरणा का कार्य
देहदान कर रिखी राम सेन ने छोड़ी समाजसेवा की अमिट मिसाल
मृत्यु के बाद भी मानवहित में समर्पित रहा शरीर, सेन समाज ने बताया गौरव और प्रेरणा का कार्य
धमतरी -ग्राम अछोटा निवासी एवं सेन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी रिखी राम सेन (73) का शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे निधन हो गया। जीवनभर समाजसेवा को समर्पित रहे रिखी राम सेन ने वर्ष 2019 में देहदान करने की घोषणा की थी। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए शासकीय औपचारिकताएं पूरी कर उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज रायपुर को देहदान के लिए सौंप दिया।
रिखी राम सेन के देहदान के संकल्प के लिए पूर्व में सर्व सेन समाज एवं चंदापारी सेन समाज जिला धमतरी द्वारा सार्वजनिक मंच पर उनका सम्मान भी किया गया था। वे सेन समाज के विभिन्न पदों पर रहते हुए सामाजिक एकता, समाजहित और सेवा कार्यों में सक्रिय रहे। अचानक उनके निधन की खबर से सेन समाज एवं ग्राम अछोटा में शोक की लहर दौड़ गई।
निधन के बाद उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए समाजजनों, रिश्तेदारों एवं परिचितों की भीड़ उमड़ी। अंतिम दर्शन के पश्चात परिजनों ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और उनकी पूर्व इच्छा के अनुरूप देह को मेडिकल कॉलेज रायपुर के सुपुर्द किया।
समाज ने बताया गौरव का क्षण
रिखी राम सेन के निधन पर सर्व सेन समाज जिला धमतरी एवं जिला चंदापारी सेन समाज के पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। समाजजनों ने कहा कि उनका देहदान सेन समाज के लिए सम्मान और गर्व का विषय है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी पुनीत कार्य है।
सर्व सेन समाज जिला धमतरी के अध्यक्ष धनसिंह सेन, रायपुर संभाग अध्यक्ष खिलावन श्रीवास, संरक्षक मोहित सेन, जिला सचिव भगवानी शांडिल्य, उपाध्यक्ष लालाराम भारद्वाज, कोषाध्यक्ष रवि कुमार कौशल, कमलनारायण शांडिल्य तथा जिला चंदापारी सेन समाज के जिलाध्यक्ष रामगोपाल सेन, उपाध्यक्ष गौरकरण सेन, आनंद शांडिल्य, सचिव केशकुमार सेन, कोषाध्यक्ष राम कौशल एवं पूर्व अध्यक्ष खिलेश सेन सहित समाजजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाज पदाधिकारियों ने कहा कि रिखी राम सेन ने जीवनभर समाजसेवा की और मृत्यु के बाद भी अपनी देह चिकित्सा शिक्षा एवं मानवहित के लिए समर्पित कर सेवा की भावना को जीवंत रखा। उनका यह पुनीत कार्य सेन समाज के लिए सदैव गौरव और प्रेरणा का विषय रहेगा।



