बीजापुर : शराब दुकान के विरोध में सड़क पर उतरी महिलाएं, पुलिस घेरा तोड़कर गेट तोड़ा

बीजापुर। जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम संगमपल्ली (मद्देड) में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब ग्रामीणों ने पुलिस की घेराबंदी को लांघते हुए शराब दुकान के गेट को तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्राम सभा की सहमति और स्थानीय लोगों की इच्छा के खिलाफ गांव में शराब दुकान खोली जा रही है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में नशाखोरी बढ़ेगी और सामाजिक माहौल प्रभावित होगा। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि प्रशासन तत्काल दुकान खोलने का निर्णय वापस ले।
शिक्षा और रोजगार चाहिए, शराब दुकान नहीं
ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए, लेकिन इसके बजाय शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। महिलाओं ने आशंका जताई कि शराब दुकान खुलने से घरेलू हिंसा, आपसी विवाद और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।
विधायक विक्रम मंडावी पहुंचे समर्थन में
ग्रामीणों के आंदोलन को कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने समर्थन दिया। मौके पर पहुंचे विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शराब दुकानें खोलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा, जहां शिक्षा और रोजगार के अवसर दिए जाने चाहिए, वहां सरकारी अंग्रेजी शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। यह आदिवासी युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाला कदम है। विधायक ने प्रशासन से ग्रामीणों की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शराब दुकान का प्रस्ताव निरस्त करने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही, जिन्होंने गांव में शराब दुकान खोलने का विरोध करते हुए इसे परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक बताया।



