छत्तीसगढ़

सिंधी समाज में तिजडी त्योहार के पहले 200 महिलाओं ने मेंहदी लगाई 

सिंधी समाज में तिजडी त्योहार के पहले 200 महिलाओं ने मेंहदी लगाई

धमतरी- हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिंधी समाज में तिजडी यानी कि तीजा का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी लोग माता पार्वती,भगवान शंकर का उपवास रखते हैं। तिजडी एक माता है जिसका उपवास रखे हुए महिलाएं अपने पति के लंबी उम्र के लिए दुआएं मांगते हैं और चांद दिखने पर ही भोजन ग्रहण करते हैं यह सिंधी समाज का एक ऐसा त्यौहार है जो लोग सुबह से उठते हैं, शगुन के तौर पर 2 बजे उठ के असुर अन्न ग्रहण करते हैं और उसके पश्चात वह अन्न ग्रहण और खाना पीना सब बंद कर देते हैं। 10 बजे से लेकर 2:00 बजे तक वेद माता तिजडी को अपने यहा स्थापित करते हैं। उनके यहां पानी जल चढ़ाने का कार्य करते हैं। उसके पश्चात शाम 6 से लेकर 7 बजे के बीच में तिजडी की कथा सुनाते हैं। माता तिजडी की कथा गुरुद्वारे में या जिन्हें इस कथा की जानकारी रहती है वह यह दरबार मे कथा सुनाती हैं। सभी महिलाएं एक जगह एकत्र होती है,सभी महिलाएं नये वस्त्र धारण करते है, सोलह श्रृंगार करके आती है और कथा को सुनती है।पूजा पाठ करती है।

तिजडी का उपवास रखने पर सिंधी समाज में यह आवश्यक है के हाथों में मेहंदी सुहागन के रूप में लगाया जाए। पूज्य सिंधी पंचायत के द्वारा एवं सिंध शक्ति महिला संगठन के नेतृत्व में निशुल्क मेहंदी 29 अगस्त को लगाया गया।सभी के हाथों में मेहंदी लगाने से उसका रंग अलग से निखर कर आता है। लगभग 200 महिलाएं लोगों ने इसमें भाग लिए और अपने हाथों में मेहंदी सजाई और 50 लोग कन्या मेहंदी लगाने की सेवा दी। पूज्य सिंधी पंचायत आमापारा में मेहंदी लगाने के समय काफी भीड़ थी और सभी के हाथों में मेहंदी लग रही थी तो माहौल देखने के लायक था। सभी लोग तिजडी का गाना भी गा रहे थे। असुर जोती उठा मा उठा उठा तिजडी थी रखा इस प्रकार से गीत गाते हुए वह अपने हाथों में मेहंदी लगा रहे थे। इस अवसर पर सिंधु शक्ति महिला संगठन ने उन्हें रोचक और मजेदार गेम भी खिलाये।सभी के हाथों की मेहंदी जब सामूहिक रूप से देखने का अवसर प्रदान हुआ तो वह दृश्य देखने के लायक था।इनाम का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर मेहंदी लगाते हुए सभी महिलाएं सिंधी गीतों पर नाच भी रही थी, थिरक भी रही थी और अपनी खुशी जाहिर कर रही थी। इस तिजडी की खासियत यह है कि सभी लोग इसे ससुराल मे ही मनाते है।

इस अवसर पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष चंदू जसवानी, उपाध्यक्ष द्वय रामचंद्र वाधवानी अशोक वाधवानी, अशोक डुमबानी, नरेश शामनानी, पुरुषोत्तम वाशानी, अमर पिंजानी, महेश रामराखियानी, अशोक चारवानी, रोमी सावलानी,बंटी वाधवानी,सुनील रेवलानी, महेश लच्छवानी, सिंध शक्ति महिला संगठन की अध्यक्ष पार्वती वाधवानी, साक्षी वाधवानी, प्रिया पंजवानी, रोमा राहूजा, शारदा चावला, जया चावला, रिया सुनेटा, प्रीती पिंजानी, दिशा कामरानी, सिमरन वाधवानी, मुस्कान वाधवानी, संगीता वाधवानी, श्वेता ननकानी, मोना वाधवानी, दीपा जसवानी, सरला डोडवानी, किरण ग्वालानी, तान्या चावला, पलक सुदरानी, अन्या आसवानी, कुमकुम रेवलानी सहित समाज जन मौजूद थे।

Author Desk

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