तीज मिलन एवं नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम में दिखा महिलाओं का उत्साह, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का संदेश
तीज मिलन एवं नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम में दिखा महिलाओं का उत्साह, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का संदेश
पाटन। छत्तीसगढ़ झरिया महार/महरा समाज (पंजीकृत शाखा) महिला संगठन के तत्वावधान में 30 अगस्त 2026 को देवांगन भवन, पाटन में भव्य तीज मिलन एवं नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सावन एवं श्रृंगार की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में तेज बारिश और विपरीत मौसम के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। प्रदेशभर से समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई और पारंपरिक संस्कृति, कला एवं सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत इष्टदेव श्री नारायण देव, शिव-पार्वती पूजन एवं मां परमेश्वरी को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम हुआ, जिसमें उपस्थित बहनों ने सामाजिक भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधकर भाई-बहन के स्नेह और सामाजिक एकता का संदेश दिया। साथ ही महिलाओं ने समाज की प्रगति और कार्यक्रम की सफलता के लिए भाइयों से सहयोग एवं सुरक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक एवं रचनात्मक खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। फुगड़ी प्रतियोगिता में प्रथम जयश्री कामड़े, द्वितीय कीर्ति सोनवानी एवं तृतीय पुष्पा कामड़े रहीं। गोली-चम्मच प्रतियोगिता में प्रथम रानू कामड़े, द्वितीय यशवंतीन एवं तृतीय रेखा ने स्थान प्राप्त किया। वहीं सुई-धागा प्रतियोगिता में प्रथम नोमेश्वरी, द्वितीय करुणा कामड़े एवं तृतीय पुष्पा अंगारे रहीं।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में तीज क्वीन प्रतियोगिता रही, जिसमें श्रीमती युक्ता अंगारे एवं श्रीमती अनिता मेश्राम को तीज क्वीन घोषित किया गया। सुंदर परिधान के लिए चांदनी अंगारे, तीज गीत में कांता पटेल तथा तीज नृत्य में यामिनी को उत्कृष्ट घोषित किया गया। महिलाओं ने सावन के झूले का भी जमकर आनंद लिया और पारंपरिक गीत-संगीत के बीच उत्सव का माहौल बना रहा।
महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कीर्ति नायक, अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन थीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में महिलाओं से समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने और नेतृत्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं सबल, सक्षम, सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ें और समाज को नई दिशा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने महिलाओं के प्रतिभा विकास और आत्मनिर्भरता को समाज की मजबूती से जोड़ते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और संस्कृति की रही झलक
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक खान-पान को भी विशेष स्थान दिया गया। महिलाओं ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन ठेठरी, खुरमी, अरसा एवं चौसेला का आनंद लिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी संस्कृति को अपनी पहचान बताते हुए पारंपरिक वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा ‘तीज-मिलन एवं नारी सशक्तिकरण’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। वहीं सामूहिक सुवा नृत्य में जमराव परगना की बहनों ने शानदार प्रस्तुति देते हुए परचम लहराया और सभी का ध्यान आकर्षित किया।
बारिश भी नहीं रोक पाई महिलाओं का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान लगातार बारिश होती रही, लेकिन मौसम भी महिलाओं के उत्साह को कम नहीं कर सका। पूरे प्रदेश से पहुंची समाज की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। तीज मिलन के माध्यम से जहां महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, वहीं नारी सशक्तिकरण के संदेश ने कार्यक्रम को सामाजिक उद्देश्य भी प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन ज्योत्सना एवं रत्ना पावरिया ने किया। आयोजन को सफल बनाने में श्रीमती संध्या सोनवानी (प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष), श्रीमती मंजुलता अंगारे (महिला संगठन अध्यक्ष), श्रीमती दीप्ति मेश्राम (उपाध्यक्ष) सहित महिला संगठन, श्रीदेव जी युवा मंच एवं नारायणी युवती मंच के पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में समाज के प्रांताध्यक्ष अशोक मेश्राम एवं केंद्रीय कार्यकारिणी का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
समाज के सभी वर्गों के सहयोग से आयोजित यह तीज मिलन एवं नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम महिलाओं की एकजुटता, सामाजिक सहभागिता, पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



