पीवी ऐप की अव्यावहारिकता के खिलाफ पटवारियों ने खोला मोर्चा, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में फसल सर्वे कराने और दमनात्मक कार्रवाई का विरोध, वेतन विसंगति दूर करने व पदोन्नति की मांग

पीवी ऐप की अव्यावहारिकता के खिलाफ पटवारियों ने खोला मोर्चा, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
धमतरी जिले के 165 पटवारी हड़ताल पर, बटांकन, सीमांकन, नामांतरण और प्रमाण पत्र बनाने समेत राजस्व कार्य होंगे प्रभावित
जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में फसल सर्वे कराने और दमनात्मक कार्रवाई का विरोध, वेतन विसंगति दूर करने व पदोन्नति की मांग
धमतरी। पीवी ऐप की व्यावहारिक समस्याओं, जोखिमपूर्ण कार्य परिस्थितियों और पटवारियों के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में राजस्व पटवारी संघ, जिला धमतरी ने 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने मोर्चा खोलते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। पटवारियों की हड़ताल से जिले में राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है।
राजस्व पटवारी संघ के अनुसार, वर्तमान में लागू पीवी ऐप (डिजिटल क्रॉप सर्वे) में कई व्यावहारिक और तकनीकी समस्याएं हैं। इन समस्याओं के कारण खेतों में फसलों का भौतिक सत्यापन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ का कहना है कि वर्षाकाल में खेतों में जलभराव, कीचड़ और प्रतिकूल मौसम के बावजूद पटवारियों को खेतों के बीच जाकर सर्वे करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में सर्वे करना उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण है।
संघ ने मांग की है कि जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पीवी ऐप में आवश्यक सुधार किए जाएं तथा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में बाध्यकारी सर्वे पर रोक लगाई जाए।
अतिरिक्त कार्यभार से बढ़ रहा मानसिक दबाव
पटवारी संघ का कहना है कि पटवारियों पर पहले से ही विभिन्न विभागीय कार्यों का अत्यधिक दबाव है। एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना, रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वे, स्वामित्व योजना और विभिन्न प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्यों के कारण कार्यभार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में तकनीकी खामियों और जमीनी समस्याओं के बीच समयबद्ध तरीके से सभी कार्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
संघ ने विभिन्न जिलों में पटवारियों के विरुद्ध की गई निलंबन, कारण बताओ नोटिस और अन्य विभागीय दंडात्मक कार्रवाइयों को अनुचित बताते हुए उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है।
वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग
पटवारी संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में वर्षों से लंबित वेतन विसंगति का शीघ्र निराकरण, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने और कैरियर एडवांसमेंट से जुड़े मामलों में ठोस निर्णय लेने की मांग भी शामिल की है। संघ का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान लंबे समय से लंबित है, इसलिए शासन और प्रशासन को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन : वासुदेव भोई
राजस्व पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष वासुदेव भोई ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का उचित और ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक जिले के सभी पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पटवारियों की समस्याओं का निराकरण करने के साथ ही उनके लिए सुरक्षित कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
संघ ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कार्यों में होने वाले व्यवधान की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
165 पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कार्य प्रभावित होने की आशंका
धमतरी जिले में कुल 165 पटवारी हैं। उनके हड़ताल पर चले जाने से बटांकन, सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण, किसान पंजीयन तथा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित कार्य प्रभावित होने की आशंका है। इससे इन सेवाओं के लिए पटवारी कार्यालयों पर निर्भर नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल में कार्यकारी जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ध्रुव, सचिव विकास साहू, धमतरी तहसील अध्यक्ष प्रवीण टिकरिया, हरीश ध्रुव (मगरलोड), लक्ष्मण नरेटी (कुरूद), सौरभ साहू (भखारा), नोहर लाल पटेल (नगरी), द्विज राम मरकाम (कुकरेल) सहित प्रकाश साहू, राजेश चंद्राकर, संगीता साहू, विनोद पटेल, किशोर कश्यप, पन्नालाल ठाकुर और जिले के अन्य पटवारी शामिल हुए।



