बिम्सटेक देशों को मिलकर रोकनी होगी ड्रग्स तस्करी और मानव तस्करी: अमित शाह

दिल्ली में बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक को किया संबोधित
बोले- ड्रग्स की अवैध कमाई संगठित अपराध और आतंकवाद को देती है बढ़ावा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिम्सटेक देशों से ड्रग्स तस्करी और मानव तस्करी जैसी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया है। दिल्ली में बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह युवाओं, समाज, संस्कृति और आने वाली पीढिय़ों के भविष्य पर हमला है। इसे रोकने के लिए पूरे क्षेत्र को साथ लेकर चलने वाली रणनीति अपनाना जरूरी है।
अमित शाह ने कहा कि बिम्सटेक क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इस संगठन के गृह मंत्रियों की पहली बैठक की मेजबानी करना भारत के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने सदस्य देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि आपसी सहयोग को ठोस और प्रभावी व्यवस्थाओं में बदलना समय की आवश्यकता है।
ड्रग्स तस्करी की कमाई से आतंकवाद को मिलता है बढ़ावा
गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग्स तस्करी से होने वाली अवैध कमाई संगठित अपराध को आर्थिक मजबूती देती है और इसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में भी किया जाता है। प्रीकर्सर केमिकल्स का दुरुपयोग और डार्क वेब के माध्यम से होने वाले लेन-देन इस चुनौती को और जटिल बना रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिम्सटेक देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, समन्वय और संयुक्त प्रयास जरूरी हैं। किसी एक देश के प्रयासों से इस समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। क्षेत्रीय स्तर पर साझा रणनीति बनाकर ही तस्करी के नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
मानव तस्करी रोकने के लिए सहयोग पर जोर
अमित शाह ने मानव तस्करी को साझा सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पीडि़तों की पहचान, उन्हें बचाने, सहायता उपलब्ध कराने, पुनर्वास और सुरक्षित तरीके से उनके देश वापस भेजने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत करना आवश्यक है। इस दिशा में सामूहिक प्रयासों को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से आगे बढ़ रहा भारत
गृह मंत्री ने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत हमेशा शांति, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि भारत किसी देश पर आक्रमण करने या प्रभुत्व स्थापित करने में विश्वास नहीं करता, बल्कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। भारत मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान का भी समर्थक रहा है।
बिम्सटेक को समावेशी विकास और सुरक्षा का मॉडल बनाने पर जोर
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के संबोधन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक को केवल एक क्षेत्रीय संगठन नहीं, बल्कि समावेशी विकास और सुरक्षा का मॉडल बताया था। गृह मंत्री ने कहा कि इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की है। सभी देशों को आपसी सहयोग को व्यावहारिक व्यवस्थाओं में बदलने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत हो और साझा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।



