छत्तीसगढ़

सत्संग से लौकिक और पारलौकिक उत्कर्ष प्राप्त होता है : आचार्य झम्मन शास्त्री

रायपुर। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर में श्री शिव मानस कथा महोत्सव का आयोजन राधाकृष्ण स्वामी मुरली मनोहर मंदिर कीर्तन हाल सोहागा मंदिर ब्राह्मणपारा रायपुर में किया जा रहा है। आचार्य झम्मन शास्त्री जी ने प्रवचन में कहा की सत्संग से लौकिक और पारलौकिक उत्कर्ष प्राप्त होता है। कथा सुनना दुर्लभ कार्य है, पुण्य कार्य है तभी व्यक्ति सत्संग सुनता है। मानसिक शांति, आत्मिक शांति मिलती है। प्रेम भाव बढ़ता है। सत्संग चेतना निर्माण के लिए माध्यम है। चार वेद, चार उपवेद, 18 पुराण, 18 उपपुराण, फिर रामायण, गीता, रामचरित मानस, शिवमानस कथा, पुरुषोत्तम मास पुण्यार्चन का मास है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ी शक्ति विप्र महिला समाज की ओर से यह आयोजन है। कार्यक्रम अनुसार प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 12 बजे तक पूजन आराधना, अभिषेक, दोपहर 3 से 4 बजे तक भजन संकीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है। वहीँ रोजाना शाम 4 बजे से 6 बजे तक प्रवचन का समय है।

Author Desk

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