उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत,धमतरी में साक्षर बनाने चलेगी मुहिम

धमतरी – उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण जिला धमतरी द्वारा विकासखंड नगरी के कुकरेल स्कूल में असाक्षरों व स्वयंसेवी शिक्षकों के पंजीयन की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी के लिए आवश्यक बैठक आयोजित की गई। जिला परियोजना अधिकारी के के साहू सर द्वारा भारत सरकार द्वारा निर्मित उल्लास एप के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से असाक्षर, स्वयं सेवी शिक्षक, सर्वेयर के पंजीयन व सर्वे कार्य की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी गई उल्लास केंद्र की स्थापना कर और असाक्षरों को सिखाने व परीक्षा केंद्र के रूप में उपयोग किया जाना है साथ ही साक्षरता कार्यक्रम के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु मिशन मोड में कार्य करने तथा शत प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
रिसोर्स पर्सन प्रीति शांडिल्य ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रौढ़ शिक्षा अब सभी के लिए शिक्षा के नाम से जाना जाएगा,पढ़िए कहीं भी कभी भी की थीम पर कार्य किया जाना है इस कार्यक्रम में दिव्यांगजन तथा महिलाओं को प्राथमिकता दी जानी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रौढ़ शिक्षा अब ’सभी के लिए शिक्षा’ के नाम से जाना जाएग जिलों में 15 दिन के भीतर उल्लास मोबाइल एप पर शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे किया जाना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 की अनुशंसानुसार नव भारत साक्षरता कार्यक्रम को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्यक्रम को ULLAS (Understanding of Lifelong Learning for All in Society) के नाम से संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्यक्रम के पाँच प्रमुख घटक हैं- बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान, जीवन कौशल (वित्तीय, डिजिटल, कानूनी, मतदान साक्षरता इत्यादि), व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा (समतुल्यता कार्यक्रम) और सतत् शिक्षा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रौढ़ शिक्षा अब सभी के लिए शिक्षा के नाम से जाना जाएगा। यह कार्यक्रम 15 वर्ष से अधिक आयु समूह के लोगों के लिए है। यह कार्यक्रम 2027 तक संचालित किया जाना है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की कार्यकारिणी के पदेन अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। उल्लास केन्द्र के लिए स्कूल भवन का उपयोग किया जाए। 23 फरवरी 2024 को मोबाइल एप्प संबंधी व 26-28 फरवरी 2024 को जिले के अधिकारियों को भारत सरकार के एनआईसी और एनसीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिलों में 15 दिन के भीतर उल्लास मोबाइल एप पर शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे करा लिया जाए। उल्लास हेतु जिले में वातावरण निर्माण सतत् रूप से किया जाए। उक्त प्रशिक्षण सहकार्यशाला मे 56 संकुल समन्वयक और 350 ग्राम प्रभारी,जिला नोडल आकाश गिरी गोस्वामी, रिसोर्स पर्सन संजय पाल ने सहभागिता दी, साथ ही पोस्टर, बैनर के साथ रैली निकाल कर उल्लास कर्यक्रम हेतु वातावरण निर्माण किया गया।



