छत्तीसगढ़

बेटिकट यात्रियों के 1400 मामले, 10 लाख वसूला गया जुर्माना, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर ने चलाया धरपकड अभियान

बेटिकट यात्रियों के 1400 मामले, 10 लाख वसूला गया जुर्माना, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर ने चलाया धरपकड अभियान

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर में सिर्फ अप्रैल महीने में ट्रेन में बेटिकट यात्रा करने के 1400 मामले सामने आए हैं. रेल अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने ऐसा करने वालों से 10 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला है.

ऐसे में एक बात तो साफ है, कि रेलवे उन यात्रियों को रोक पाने में असफल है, जो बिना टिकट के यात्रा करने के मामले में विश्वास रखते हैं, और यही कारण है कि सिर्फ जुर्माना लगाना ही रेलवे अधिकारियों के अधिकार में है.

रेलवे के अधिकारी यात्रियों को आरक्षित व अनारक्षित टिकट जारी करना, माल यातायात, पार्सल व यात्री सामानों की बुकिंग, लदान, उतरन और सुपुर्दगी, स्टेशनों व गाड़ियों में टिकट जांच करने जैसे कई मामलों में खुद को गंभीर बता रहे हैं. आरक्षण और गाड़ियों के चलने संबंधी पूछताछ, दावों व जन शिकायतों का निपटारा, यात्रियों को खानपान सेवा उपलब्ध कराना, यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराना, उपलब्ध यात्री सुविधाओं में सुधार जैसे महत्वपूर्ण काम वाणिज्य विभाग संपादित करता है. इन महत्वपूर्ण कार्यों को सजगता, उत्कृष्टता, सदाचरण और समझदारी पूर्वक निपटारा कराने के लिए मंडल वाणिज्य विभाग हमेशा प्रयासरत और प्रतिबद्ध है. उन्होंने इस माह जो है अप्रैल माह में जिन यात्रियों पर जुर्माना लगाया है उनके टीटीई को सम्मानित करने का काम किया है.

जानिए किस टीटीई ने कितना वसूला

अप्रैल माह में टिकट चेकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वाली बसंती सिंह टीटीआई बिलासपुर ने 515 मामले में 3,82,775 रुपए वसूले हैं. सकीना बानो टीटीआई बिलासपुर ने 524 मामले में 3,69,580 रुपये, आकाश कुमार सिंग टीटीआई उसलापुर ने 269 मामले में 1,74,745 रुपये और जी सी डे टीटीआई बिलासपुर ने 219 मामले में 1,28,150 रुपये वसूले. इन्हे समूह पुरस्कार के लिए चुना गया है.

800 से ज्यादा ट्रेनें हुई रद्द

बिलासपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन से चलने वाली कई ट्रेनें कभी भी रद्द की जा रही है। कभी तीसरी लाइन तो कभी चौथी लाइन की बात कह कर रेलवे अधिकारी लगातार ट्रेनों को निरस्त कर रहे हैं जिसके कारण ही आम लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है। यह हालत तब निर्मित होते हैं जब लोग टिकट कटा कर सफर करने के लिए पूरी तैयारी कर चुके होते हैं और एन वक्त में उन्हें पता चलता है कि उनकी ट्रेन लेट हो गई है। रेलवे के अधिकारियों ने पिछले कुछ सालों में 800 से अधिक ट्रेनें रद्द की है जिसके चलते ही लोगों को ठीक तरह से सफर नसीब नहीं हो पाया है।

Author Desk

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